जमीन नहीं मिली तो नहीं मिलेगा वोट, किसान कर रहे तैयारी

संजीववर्मा,धौलाना:

सर्वोच्चन्यायालयद्वाराभू-अधिग्रहणनिरस्तकरनेकेबादभीकिसानजमीनकेलिएदर-दरभटकरहेहैं।पिछलेसातसालमेंकिसानतहसीलसेलेकरलखनऊऔरदिल्लीतकचक्करलगारहेहैं।जनप्रतिनिधियोंकेसामनेसैकड़ोंबारमुद्दाउठाचुकेहैं,लेकिनसमस्याकासमाधाननहींहोसकाहै।विधानसभाचुनाव2022केमद्देनजरकिसानोंमेंएकबारउम्मीदकीकिरणजागीहै।आर-पारकीलड़ाईकामूड़बनातेहुएकिसानजल्दचुनावकाबहिष्कारकरनेकानिर्णयलेसकतेहैं।इसकेलिएप्रभावितगांवोंमेंबैठकोंकोदौरशुरूहोगयाहै।

रिलायंसपावरप्रोजेक्टकेसातगांवोंकीभूमिकाअधिग्रहणकियागयाथा।मूलभूतसुविधाओंकीमांगकोलेकरग्रामीणोंनेअधिग्रहणएवंप्रोजेक्टकाविरोधकिया।धरना-प्रदर्शनऔरसंघर्षहुआ।न्यायकीउम्मीदलेकरकिसानपहलेहाईकोर्टऔरबादमेंसर्वोच्चन्यायालयपहुंचे।16सितंबर2014कोसर्वोच्चन्यायालयनेभू-अधिग्रहणकोअसंवैधानिककरारदिया।भू-अधिग्रहणनिरस्तहोनेकेबादभूमिअभिलेखोंमेंकिसानोंकोनामदर्जहोजानाचाहिएथा,लेकिनजनपदऔरतहसीलस्तरकेअधिकारियोंकीलापरवाहीकेकारणआजतककिसानभू-अभिलेखोंमेंजमीनकेमालिकनहींहोसकेहै।सातसालसेइसकेलिएलड़ाईलड़ीजारहीहै।महाराजासंग्रामसिंहकिसानकल्याणसमितिकेमहामंत्रीयुधिष्ठिरसिसौदियाबतातेहैंकिमामलेसेलगभग58सौकिसानप्रभावितहै।प्रत्येककिसानकेपरिवारमेंकमसेकमचार-पांचवोटहैं।ऐसेमेंकिसानोंनेचुनावकाबहिष्कारकरनेकानिर्णयलियातोचुनावपरबड़ाअसरपड़ेगा।अपनीजायजमांगोंकोलेकरजनप्रतिनिधियोंएवंअधिकारियोंकेचक्करकाट-काटकरकिसानथकगयाहै।इसीलिएइसबारआर-पारकीलड़ाईकेमूडमेंहै।प्रदेशकेमुख्यमंत्रीतकमामलापहुंचादियागयाहै।तीन-चारदिनमेंसमितिकेपदाधिकारीदेशकेरक्षामंत्रीराजनाथसिंहसेमिलनेकीभीतैयारीकररहेहैं।इसकेबादप्रदेशमुख्यमंत्रीयोगीआदित्यनाथसेलखनऊजाकरमिलनेऔरसमस्याकासमाधानकरानेकेलिएमांगरखीजाएगी।चुनावकीघोषणाहोनेसेपहलेतकयदिसमाधाननहींहुआतोचुनावकाबहिष्कारभीकियाजासकताहै।इसकेलिएतैयारियांचलरहीहैं।