जिन्हें अपनी मां की दुआएं मिली, वो हाथों में लेकर कलम बोलते हैं

जरवल(बहराइच):जरवलकेदशहराबागमेंअखिलभारतीयकविसम्मेलनकाआयोजनकियागया।इसकीअध्यक्षताभाजपानेताप्रमोदगुप्तावसंचालनसंतोष¨सहनेकिया।कार्यक्रमकाशुभारंभसहकारितामंत्रीमुकुटबिहारीवर्मानेमांसरस्वतीकेचित्रपरमाल्यार्पणवदीपप्रज्वलितकरकेकिया।

लखनऊसेआईंकवयित्रीव्याख्यामिश्रानेमांसरस्वतीकीवंदनाकरतेहुएपढ़ाकि-हेशारदेमां,हेशारदेमां,हमकोज्ञानदेकरतारदेमां।हास्यव्यंगकविअशोकमिश्रनेपढ़ा-हैकलेश,हैकलेश,हैकलेशदेवा।बिनायारनेतनकेकौनकरेसेवा।पंखाचले,कूलरचलेऔरकटेमेवा।जनताभूखनकामरेपुलिसकरेसेवा।वाहिदअलीनेपढ़ाकि-जरामुस्कुराकरसनमबोलतेहैं।अगरबोलतेहैंतोकमबोलतेहैं।जिन्हेंअपनीमांकीदुआएंमिलीहैंवोहाथोंमेंलेकरकलमबोलतेहैं।डॉ.रणजीत¨सहप्रतापगढ़ीनेपढ़ाकि-मालीबनेजोलोगतबाहीदेरहेहैं।येप्रेमकेपन्नेपरस्याहीदेरहेहैं।ओपीवर्मानेपढ़ा-राष्ट्रहितबलिदानहोतेहैंवंदेमातरम।सीमापरदेशकीजवानवंदेमातरम।शकीलबढ़ौलीनेपढ़ा-आपऔरहाथमेंखंजरकभीसोचाभीनथा,फूलबनसकताहैपत्थर,कभीसोचाभीनथा।बाराबंकीजिलेसेआएकविअजयप्रधाननेपढ़ा-लिएहाथोंमेंगंगाजलकेबदलेजामबैठेहै।हमारीअंधश्रद्धाओंकेदुष्परिणामबैठेहैं।बचाओसंस्कृतिसीताकोइनवहशीद¨रदोंसे।पहनकररामकाचोलाजोआशारामबैठेहैं।शकीलअहमदजरवलीनेभीकवितापाठकिया।जरवलव्यापारमंडलअध्यक्षलोकतंत्रसेनानीप्रमोदगुप्ता,¨हदूउत्सवसमितिकेउपाध्यक्षसंतोषश्रीवास्तवनेकैबिनेटमंत्रीकामाल्यार्पणकरस्वागतकिया।इसमौकेपरकृष्णमुरारीअग्रवाल,कौशलेंद्रविक्रम¨सह,सचिनगर्ग,जितेंद्रगुप्ता,लवकुशगुप्ता,संजयराव,ओमप्रकाश,चौकीइंचार्जअभय¨सह,कमालअहमद,शकीलअहमदसमेतबड़ीसंख्यामेंलोगमौजूदरहे।