जिन पौधों को मिली सुरक्षा वो लहलहा रहे, जो हुए उपेक्षित वो खत्‍म हो गए Aligarh news

अलीगढ़,जेएनएन।पर्यावरणीयचुनौतियोंकासामनाहरियालीहीकरसकतीहै।लेकिन,इसेकोईगंभीरतासेनहींलेरहा।पौधारोपणअभियानकेतहतगली,मोहल्ले,कालोनीऔरफुटपाथोंपरजोपौधेलगाएथे,वेदेखरेखकेअभावमेंमुरझागए।लोगोंसेइतनातकनहींहुआकिसुबह-शामइनपौधोंमेंपानीदेदें,जानवरोंसेइन्हेंबचालें।वेसरकारीइंतजामोंकाइंतजारकरतेरहे।शहरमेंपिछलेसाललगाएगएलाखोंपौधेइसीअनदेखीकाशिकारहुएहैं।हां,संरक्षितक्षेत्रमेंलगेपौधेजरूरपनपगए।येसंरक्षितक्षेत्रनगरनिगमनेतैयारकराएथे।बन्नादेवीक्षेत्रकागांवएलमपुरइन्हींक्षेत्रोंमेंएकहै।यहांऔषधीयपौधेलहलहारहेहैं।

जापानीतकनीकीसेसघनपौधारोपण

नगरनिगमनेसिटीफारेस्टप्रोजेक्टकेतहतसघनपौधारोपणकेलिएबीतेसालकुछस्थानचिह्नितकिएथे।इनमेंकयामपुरबाईपास,घुड़ियाबागऔरएलमपुरभीथा।कयामपुरबाईपासऔरएलमपुरमेंनगरनिगमनेअपनीभूमिपरजापानीतकनीकीसेसघनपौधारोपणकराया।दोनोंहीस्थानोंकोबाउंड्रीवालवतारबंदीकरसंरक्षितकियागया।पौधोंकेलिएखाद,पानीकीसमुचितव्यवस्थाकीगई।देखभालकेलिएकर्मचारीतैनातकिए।प्रयाससफलरहे।पौधेतेजीसेबढ़नेलगे।सालभरमेंपौधेतीनसेचारफुटऊंचेहोगएहैं।

पौधोंकेबीचकाअंतरअधिकनहो

सहायकनगरआयुक्तराजबहादुरसिंहबतातेहैंकिसिटीफारेस्टकेतहतसघनजंगलविकसितकिएजातेहैं।पौधाराेपणकेदौरानध्यानरखनापड़ताहै,पौधोंकेबीचकाअंतरअधिकनहो।इससेपौधेजल्दीविकसितहोतेहैं।धूपजड़ोंतकनहींपहुंचती,इससेमिट्टीमेंनमीबनीरहतीहै।पौधेभीऊपरकीओरबढ़तेहैं।उन्होंनेबतायाकिऔषधीयपौधोंकाउपयोगअधिककियागयाहै।फलदारपौधेभीलगाएगएहैं।जंगलविकसितहोनेपरशहरमेंउत्पातमचारहेबंदरोंकोयहांसुरक्षितऔरसंरक्षितक्षेत्रमिलजाएगा।भोजनकेलिएफलदारवृक्षभीहोंगे।प्रदूषणकोकमकरनेमेंयेजंगलसहायकहोंगे।कुछअन्यस्थानोंपरभीसिटीफारेस्टविकसितकरनेकीयोजनानगरनिगमद्वाराबनाईजारहीहै।