झील व तालाबों में पानी का अभाव, पक्षियों की घटी संख्या

सीतापुर:लॉकडाउनहै,खेतोंवतालाबों,झीलोंपरलोगोंकीआवाजाहीकमहै।ऐसेमेंतालाबोंवझीलोंमेंपक्षियोंकीगतिविधियोंमेंपरिवर्तनहोनास्वाभाविकहै,परजिलेकीअधिकांशझीलोंमेंपानीनहोनेसेमेहमानपक्षीनहींदिखरहेहैं।साथहीस्थानीयपक्षियोंकीसंख्याभीनकेबराबरहोगईहै।

महोलीसेकाटरगंजमदनियाहोतेहुएबसवैगांवहै।गांवकेपूरबमेंस्थितझीलमेंकुछगड्ढोंमेंहीपानीबचाहै।रविवारकोझीलपरदोसारसऔरदर्जनोंकीसंख्यामेंजलकव्वाहीदिखे।बसवैझीलपरमदनियागांवकेगोवर्धनमवेशीचरातेमिले।बताया,फरवरीमेंइसझीलकेकरीबतीन-चारबीघेकेहिस्सेमेंपानीथा।तबकुछप्रवासीवकईसैकड़ास्थानीयपक्षीदिखतेथे।फरवरीशुरूआतमेंतीनदर्जनसेअधिकसारसभीबसवैझीलपरमौजूदथे,परअबझीलमेंपानीनहींहै।

झीलोंमेंपानीकाअभाव

रेउसाक्षेत्रकेशालपुरग्रामपंचायतकेप्रधानसंजीवमिश्रनेबतायाकि,अज्जेपुरमेंस्थित92हेक्टेयरकीझीलकेकरीब70प्रतिशतहिस्सेमेंपानीबचाहै।इसमेंजलकुंभीअधिकहै।इसकारणमेहमानपक्षीयहांनहींआतेहैं।स्थानीयपक्षियोंकाभीअभावहोगयाहै।वहीं,महोलीक्षेत्रकी28हेक्टेयरवालीरुकंदीनपुरझील,परसेंडीमेंटप्पाखजुरियाकी47हेक्टेयरकीझीलमेंभीपानीनहींबचाहै।इसलिएयहांभीविदेशीपक्षियोंकीसंख्याशून्यहीहै।