झारखंड में खत्म होते पहाड़ों का असर, कई गांवों में नीचे चला गया पानी का जलस्तर

रांची.पहाड़सेपानीकारिश्तासदियोंपुरानाहै.कुदरतकेइसीगठबंधनकीवजहसेपहाड़औरजंगलसेघिरेइलाकोंमेंकभीपानीकीकमीनहींरही.लेकिनझारखंडमेंपिछलेतीसबरसकेदौरानतकरीबन1500पहाड़खत्मकरदिएगए.जिनइलाकोंमेंपहाड़खत्मकिएगएवहांकेलोगोंऔरपानीकेरिश्तेमेंदरारआगई.रांचीकेकांकेप्रखंडकेकईगांवोंमेंपहाड़खत्महोचुके.नतीजाहैकियहांकेलोगबूंद-बूंदपानीकेलिएतरसरहेहैं.कांकेप्रखंडकेपचफेड़ियाऔरकुम्हरियागांवमेंपिछलेतीनसालमेंकईपहाड़खत्मकरदिएगए.इसकानतीजायहहुआकिगांवमेंपानीपूरीतरहखत्महोगया.ग्रामीणअबपहाड़कीतलहटीमेंथोड़ा-बहुतबचेपानीकेसहारेजिंदगीबसरकररहेहैं.

यहांरहनेवालेमहेशमुंडाबतातेहैंकितीनसालपहलेइसीगांवकामौसमबहुतप्याराथा,गर्मीकातोनामोनिशाननहींथा,बिल्कुलठंडारहताथा.लेकिनजैसे-जैसेक्रशरउद्योगनेपहाड़ोंकोखत्मकरनाशुरूकिया.जंगलखुद-ब-खुदखत्महोगए.आजहालयहहैकिनहाने-धोनेकेलिएचट्टानोंकेबीचजमापानीहीएकमात्रजरियाहै.

पचफेड़ियागांवकेअकलूमुंडापुरानेदिनोंकोयादकरतेहुएबतातेहैंकिसालोंपहलेजबगांवकेचारोंतरफपहाड़थे,तबपानीकोलेकरकभीपरेशानीनहींहुई.लेकिनपहाड़खत्महोनेकेबादगांवमेंपानीकाजलस्तरहीखत्महोगया.कांकेप्रखंडकेपचफेड़ियागांवकेघरोंमेंसरकारीशौचालयतोनजरआतेहैं,लेकिनइनमेंपानीकाकोईकनेक्शननहींहैक्योंकिगांवमेंजलापूर्तियोजनानहींपहुंचीहैऔरनहीगर्मीमेंकुओंमेंपानीहीबचाहै.ऐसेमेंशौचालयमेंतालेलटकेनजरआतेहैं.

जानेमानेपर्यावरणविद्नीतीशप्रियदर्शीबतातेहैंकिपहाड़केकिनारेबसेगांवोंमेंपानीकासंबंधसीधेचट्टानोंसेहोताहै.पहाड़केदबावसेहीजमीनकेनीचेकापानीऊपरआताहैऔरग्रामीणोंकोपानीउपलब्धहोपाताहै.लेकिनजैसेहीपहाड़खत्महोनेलगे,दरारोंसेपहाड़मेंपानीकारिचार्जसिस्टमभीमॉनसूनमेंखत्महोनेलगा.उन्होंनेबतायाकिएकआकलनकेमुताबिक,पिछलेतीनदशकमेंराज्यमेंकरीबडेढ़हजारपहाड़ोंकोखत्मकरदियागयायाफिरउनकास्वरूपछोटाकरदियागया.उन्होंनेबतायाकिवर्तमानमेंकरीबढाईहजारपहाड़राज्यभरमेंमौजूदहैं.इन्हेंहरहालमेंबचानेकीजरूरतहै.

नीतिशप्रियदर्शीकीमानेंतोसंथालकेपाकुड़औरदूसरेजिलोंमेंसबसेज्यादापहाड़ोंकोडिस्टर्बकियागयाहै.वहींउत्तरीछोटानागपुरमेंमाइनिंगकीवजहसेकईपहाड़खत्महोगए.फिलहालदक्षिणीछोटानागपुरकीहालतथोड़ीअच्छीहैऔरइसेबचाएरखनेकीजरूरतहै.

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