जेपीएन में पाइपलाइन से आक्सीजन पहुंचाने की सुविधा, पर फिजिशियन एक भी नहीं

गया:राज्यसरकारनेकोरोनाकेघातकसंक्रमणसेलड़नेकेलिएसभीजिलाअस्पतालोंकोहरबुनियादीसुविधाओंसेलैसरखनेकोकहाहै।खासकरश्वसनतंत्रसेजुड़ीजरूरतोंकोपूराकरनाहै।इसनजरिएसेजिलाअस्पतालकेरूपमेंगयाकाजयप्रकाशनारायणअस्पतालमेंहालकेदिनोंमेंकईसुविधाएंपहुंचीहैं।यहांकेसभी60बेडपरभर्तीमरीजोंकेलिएआक्सीजनपाइपलाइनलगादीगईहै।पिछलेमाहहीजिलाधिकारीनेइसकाउद्घाटनकियाथा।एकसालमेंआक्सीजनकीसुविधाकोबेहतरकरतेहुएअबयहांएकसाथ14सिलेंडरकेजरिएमरीजोंतकपाइपलाइनसेआक्सीजनपहुंचायाजासकताहै।इसकेसाथहीयहां40आक्सीजनकंसंट्रेटरभीउपलब्धहैं।पिछलेसालतकयहांपांचकंसंट्रेटरथे।जिसेबढ़ाकरसातकियागया।अबवहसंख्याबढ़कर40तकहोगईहै।इसकेअलावायहां24बड़ासाइजकाआक्सीजनसिलेंडरहै।30छोटासिलेंडरहै।कोरोनाकीसंभाविततीसरीलहरकोदेखतेहुएयहां100एलएमपीकाआक्सीजनप्लांटलगायाजानाहै।इसमेंअभीदेरीहोरहीहै।शुरूआतीकामहीहुआहै।स्थलनिरीक्षणकियागयाहै।जरूरतइसबातकीहैकिइसआक्सीजनप्लांटकोसमयरहतेचालूकरालियाजाए।

18कार्यरतचिकित्सकोंमेंफिजिशयनएकभीनहीं,इलाजमेंपरेशानी

-जेपीएनअस्पतालमेंवैसेतो18चिकित्सककार्यरतहैं।लेकिनमेडिसीनसेजुड़ेविशेषज्ञफिजिशियनचिकित्सकएकभीयहांनहींहैं।जबकिकोरोनाकोमुख्यरूपसेसांसकीबीमारीमानागयाहै।सांसकीतकलीफसेजूझतेमरीजोंकाइलाजकरनेकेलिएमेडिसीनकेडाक्टरकाहोनाजरूरीहोताहै।

चौबीसघंटेरैपिडजांचकीसुविधानहीं,टेक्नीशियनकीकमी

-जिलाअस्पतालहोनेकेनातेयहां24घंटेमरीजइलाजकेलिएपहुंचतेहैं।लेकिनशाम4बजेकेबादसांसकीतकलीफवालेसंदिग्धमरीजकोभर्तीलेनेमेंचिकित्सकवकर्मीहिचकतेहैं।मरीजकोसीधामेडिकलरेफरकरदियाजाताहै।यहांशामकेबादकोविड-19जांचरैपिडएंटीजनकिटसेजांचकीसुविधानहींहै।इसदिशामेंध्यानदेनेकीजरूरतहै।

क्याकहतेहैंअधिकारी:

अस्पतालमेंमानवबलकीकमीहै।फिजिशियनचिकित्सककीबराबरकमीबनीहुईहै।इससेपरेशानीहोतीहै।इसकेसाथहीलैबटेक्नीशियनकेनहींरहनेसेभीशाममेंकोविड-19कीजांचनहींहोपाती।स्टाफकीबहुतकमीहै।सभीबेडपरआक्सीजनपाइपलाइनलगादियागयाहै।आक्सीजनकंसंट्रेटरभीपर्याप्तसंख्यामेंहै।अस्पतालमेंआक्सीजनप्लांटभीजल्दलगनेवालाहै।

डा.चंद्रशेखर,उपाधीक्षक,जयप्रकाशनारायणअस्पताल,गया।

आक्सीजनकेबड़ेसिलेंडर-24

आक्सीजनकेछोटेसिलेंडर-30

कार्यरतचिकित्सक-18