जैविक खेती ही उपाय

रासायनिकखादकेलगातारउपयोगसेजमीनकीसेहतकमजोरहोतीजारहीहै।कहीं-कहींतोहालातबहुतहीखराबहैं।अधिकउपजलेनेकीकोशिशमेंकिसानभविष्यकेलिएपैदाहोरहेसंकटकोनहींसमझपारहेहैं।किसानोंकेबीचजागरूकताजरूरीहै।कृषिकेयांत्रिकीकरणकायहएकस्याहपहलूहैकिछोटेऔरसीमांतकिसानोंनेभीपशुपालनकोत्यागदिया।इन्हींपशुओंकेगोबरसेबनीखादखेतोंकीसेहतकेलिएताकतथी।अबऐसेकिसानबैलकीजोड़ीनहींरखते।किराएकेटैक्टरसेजुताईकाकामलेलेतेहैं।गिनेचुनेकिसानोंनेहीवर्मीकम्पोस्टकाप्रशिक्षणलियाहै।ऐसीस्थितिमेंरासायनिकखादपरनिर्भरताबढ़गईहै।वर्षोसेऐसीखादकेउपयोगसेमिट्टीकीउर्वराशक्तिघटतीजारहीहै।हालातयहीरहेतोमिट्टीकोरेतबनतेदेरनहीं।हालांकिराज्यसरकारनेइसकीचिंताकरतेहुएकमकीमतपरकिसानोंकोवर्मीकम्पोस्टसुलभकरानेकीयोजनाबनाईहै।जैविकखेतीकोबढ़ावादेनेकेउद्देश्यसेचालूवित्तीयवर्षमें130करोड़रुपयेखर्चकरनेकीयोजनाहै।किसानोंकोइसयोजनाकालाभउठानाचाहिए।सरकारकामाननाहैकिइनउपायोंसेफसलोंकेउत्पादनऔरउत्पादकतामेंवृद्धिहोगी,जिसकालाभकिसानोंकोमिलेगा।कृषिविश्वविद्यालयोंकोभीसंसाधनसंपन्नबनानेकीकवायदजारीहै,ताकिबिहारकीकृषिकोलाभमिलसके।हालहीमेंकृषिविश्वविद्यालयसबौरनेगेहूंकाऐसाप्रभेदविकसितकियाहै,जोकमसिंचाईमेंभीकिसानोंकेलिएलाभदायकसिद्धहोगा।राज्यकाबड़ाहिस्सासूखेकीचपेटमेंआजाताहै।पर्याप्तसिंचाईकीव्यवस्थानहोनेसेइनक्षेत्रोंकेकिसानसालमेंएकहीफसललेपातेहैं।यदिपर्यावरणीयपरिवर्तनकोदेखतेहुएफसलोंकेनएप्रभेदविकसितहोतेरहेतोइसकासीधालाभराज्यकीकृषिऔरकिसानोंकोमिलेगा।इनसबउपायोंकेबीचजरूरीहैकिकिसानोंकेबीचजागरूकतापैदाकीजाए।उन्हेंलाभ-हानिकागणितसमझायाजाए।साथहीपशुपालनकेप्रतिजागरूककियाजाए,ताकिजैविकखेतीकोऔरबलमिले।

[स्थानीयसंपादकीय:बिहार ]