जागिए! प्यास से व्याकुल हैं तालाब

जलहीजीवनहै।इसबातकोसभीजानतेऔरमानतेहैं।जलकेप्रमुखस्त्रोतोंमेंशामिलतालाबप्यासे,अतिक्रमणकाशिकारऔरवजूदखोनेकीकगारपरहैं।आदर्शतालाबकीखोदाईकराईजाचुकीहै,परजलसंकटसेतमामइलाकोंकेजूझनेकीभीतस्वीरेंसामनेआतीरहतीहैं।गिरतेजलस्तरकीएकवजहजलसंचयकेस्त्रोतोंकीउपेक्षाभीहै।इसकेलिएहरवहव्यक्तिजिम्मेदारहैजोकिस्वयंकोसमाजकाअंगमानताहै।तालाबप्याससेव्याकुलहोकरकराहरहेहैंपरउनकीसुधलेनेवालाकोईनहींहैं।जलसंचयनकेप्रमुखस्त्रोतकोबचानेकेलिएआपभीआगेआइए।सूखेपड़ेतालाबोंकोआपसीसहयोगसेभरवाएं,अतिक्रमणकाशिकारतालाबोंकोमुक्तकरानेकोप्रशासनसेगुहारलगाएंऔरदेखरेखकरपटचुकेतालाबोंकीदेखरेखउनकेवजूदकोवापसलानेमेंयोगदानदें।शुक्रवारकोजागरणटीमनेकुछऐसेहीतालाबोंकीपड़तालकीप्रस्तुतहैप्रेमअवस्थीकीरिपोर्ट..

सड़गड़ातालाबमेंवर्षभररहताहैपानी

बरेहटागांवकेपश्चिममेंभानमऊजानेवालीसड़कसेबमुश्किलडेढ़सौमीटरकीदूरीपरसड़गड़ातालाबमेंवर्षभरपानीरहताहै।गांवकेनिवासीविनयदीक्षितनेबतायाकिसड़गड़ातालाबकीमिट्टीइतनीअच्छीऔरचिकनीहैकिगांवकेलोगअभीभीकच्चेघरोंकीमरम्मतवमिट्टीसेअनाजरखनेकेलिएबखारीबनानेकेकाममेंप्रयोगकरतेहैं।तालाबसेमिट्टीनिकलानेकीप्रक्रियासेतालाबकीसफाईहरसालहोजातीहै।खेतोंकेबीचमेंतालाबहोनेसेखेतोंकीसिचाईसेअधिकहोनेवालासाफपानीभीइसतालाबमेंआताहै।गर्मीकेदिनोंमेंयहतालाबगांवकेबच्चोंकेलिएस्वीमिगपुलकीतरहहोताहै।अक्सरदेखागयाहैकिखोदवाएजानेवालेतालाबोंकेकिनारेऊंची-ऊंचीखांईहोजातीहैजिसकेचलतेबारिशकापानीतालाबमेंनहींपहुंचपाताहै।सड़गड़ातालाबकीखासबातयहहैकिइसकेचारोंतरफसेबारिशकापानीआसानीसेइसमेंआताहै।

:स्कूलवालेतालाबमेंनहींहैपानी

बाराबंकी:बरेहटागांवमेंप्राथमिकविद्यालयकेनिकटस्थिततालाबकीखोदाईतीनसालपहलेकराईगईथी।तालाबपूरीतरहअतिक्रमणमुक्तहैलेकिनइसमेंपानीनहींहै।तालाबमेंपानीनहोनेसेपशु-पक्षियोंकोभीदिक्कतहोतीहै।स्कूलमेंपढ़ानेवालेशिक्षकपवनकुमारश्रीवास्तवनेबतायाकितालाबमेंपानीनहोनेकाअसरहैंडपंपपरपड़ताहै।बारिशमेंजैसेहीतालाबभरजाएगावाटरहैंडपंपज्यादापानीदेनेलगेगा।तालाबमेंपानीक्योंनहींभरायागया?इससवालपरप्रधानरामप्रसादकाकहनाहैकिउनकेगांवमेंनहरवराजकीयनलकूपनहींहैं।तालाबोंमेंपंपसेटसेपानीभरानेकाकोईबजटनहींआयाहै।बजटकेअभावमेंपंपिगसेटसेपानीभरानाआसाननहींहै।

अतिक्रमणसेपटरहाबरेहटाकाकुमरगड्डीतालाब

तालाबवजलस्त्रोतोंकेसंरक्षणकीदिशामेंचलाईगईसरकारीमुहिमकीउदासीनतातालाबोंकेवजूदकोधीरे-धीरेमिटानेकाकामकररहीहै।यहकहनाइसलिएगलतनहींक्योंकिगांवोंमेंपहलेमिट्टीकेघरबनानेऔरउनकीमरम्मतकेलिएतालाबोंसेमिट्टीनिकालीजातीथी।इससेवहहरसालखुदजातेथेमगरअबमतलबकीदुनियामेंलोगअपनेहितकेलिएतालाबोंकावजूदमिटानेपरतुलेहैं।तालाबोंकीजमीनपरअतिक्रमणहोरहाहै।हरखब्लॉककेग्रामबरेहटामेंतालाबोंकीस्थितिदेखीगईतोगांवकेकिनारेकेतालाबअतिक्रमणसेसिमटतेदिखे।गांवकेकिनारेपूरबकीदिशामेंकुमरगड्डीतालाबकीओरआबादीकेलोगधीरे-धीरेअतिक्रमणकरतेचलेआरहेहैंजिससे50फीसदतालाबपटचुकाहै।तालाबमेंगांवकेघरोंकीनालियोंकापानीआताहै।ग्रामप्रधानरामप्रसादसेअतिक्रमणकेबारेमेंपूछागयातोउन्होंनेबतायाकिआबादीसेसटेतालाबोंपरअतिक्रमणकोरोकपानामुश्किलहोरहाहै।जिसकेघरबनेहैंवहीअतिक्रमणकररहाहै।तालाबकीपैमाइशकेलिएपत्रएसडीएमकोदियागयाथा।एकदिनलेखपालआएथेपरपैमाइशपूरीनहींकरसके।पुलिसबलकेसाथटीमबनाकरपैमाइशकराएजानेकीजरूरतहै।

''बरेहटागांवमेंतालाबोंकीपैमाइशकेलिएप्रधानकीमांगपरलेखपालकोनिर्देशितकियागयाथा।पैमाइशकरअतिक्रमणहटवानेमेंकोईदिक्कतहोगीतोपुलिसबलभीभेजाजाएगा।''

अभयकुमारपांडे,एसडीएमनवाबगंजबाराबंकी