इटालियन मधुमक्खी घोल रही ¨जदगी में मिठास

त्रिवेदीगंज(बाराबंकी):मधुमक्खीपालननेतरक्कीकेरास्तेकोखोलदिएहैं।इंटरकीपढ़ाईकरनेकेबादकर्जलेकरमधुमक्खीकापालनकरनेवालेचंद्रप्रकाशनेघाटा-मुनाफेकीफिक्रनकरतेसंघर्षकरतेरहे।अबवहप्रतिवर्षचारलाखरुपयेकमाकरदूसरोंकेलिएनजीरबनेहुएहैं।त्रिवेदीगंजब्लॉककेग्राममनिकापुरमजरेसरॉयपांडेयनिवासीचंद्रप्रकाशवर्माबतातेहैंकिकरीबबीससालपहलेइंटरकीपढ़ाईखत्मकरनेकेबादउसकेपासमात्रखेतीकाहीसहाराथा।इसीबीचमधुमक्खीपालनकाविचारआयाऔरकिसीतरहरिश्तेदारोंसेकर्जलेकरतीनमधुमक्खीकेबक्सेखरीदकरलाया।सहीजानकारीकेअभावमेंशुरूआतमेंनुकसानभीउठानापड़ा,लेकिननिरंतरप्रयाससेसफलतामिली।आजकरीबदोसौमधुमक्खीकेडिब्बेहैं,जिनसेलगभगलगभगदसलाखकीसालानाअतिरिक्तआमदनीकरतेहैं।इसमेंचारलाखरुपयेकाशुद्धमुनाफाकमातेहैं।अबवहलोगोंकोमधुमक्खीपालनकाप्रशिक्षणदेतेहैं।इटालियनप्रजातिकीमधुमक्खीपालतेहैं।एकसीजनमें50से75किलोतकशहदप्रतिबक्सामिलताहै।इनगांवोंमेंभीशुरूहुआपालन:त्रिवेदीगंजक्षेत्रकेरामीपुर,गंगापुर,देवापुर,भवनियापुर,जौराससहितकरीब12गांवोंकेयुवामधुमक्खीपालनकरबेरोजगारीकोमातदेरहेहैं।इससेअच्छामुनाफाकमाकरस्वरोजगारीबनेहुएहैं।