इन दिनों छत की बगिया से मिलेगा सेहत का खजाना, यदि आप बनाएंगे वहां किचन गार्डन

नईदिल्‍ली।घरपरहीसब्जियांउगानेकेलिहाजसेबारिशकामौसमबिल्कुलसहीहै। कोरोनासंक्रमणकेकहरनेमनुष्यकोप्रकृतिकेमहत्वकाबोधअच्छीतरहकरवादियाहैसाथहीअपनीसेहतकेप्रतिसभीकोसजगबनादियाहै।हमनेबहुतबारसुनाथा‘जानहैतोजहानहै’,लेकिनइसकेसहीमायनेअबहरकोईमहसूसकररहाहै।इसदौरनेसात्विकवसुरक्षितभोजनकीजरूरतकेप्रतिजागरूककियाहै।यहीकारणहैकिअबलोगसुरक्षितभोजनकोअपनानेकीबातेंकरनेलगेहैं।

‘इनदिनोंमेरीहरसुबहघरकीछतपरबनेकिचनगार्डनमेंगुजरतीहै।सब्जीकेपौधोंपरकुछनकुछनयाउगतेदेखमनकोबेहदसुकूनमिलताहै।प्रकृतिकेइनउपहारोंकोदेखहरसुबहईश्वरकोधन्यवादकहतीहूंकिमुझेघरकीताजासब्जियांखानेकोमिलरहीहैं।इनदिनोंसब्जीवालोंसेकुछभीलेतेहुएडरलगताहै,ऐसेमेंमेरेघरमेंउगीसब्जियांहीमेरासहाराहैं।’कहतीहैंलुधियानामेंजेसीआई(जेनेसिस)कीजोनको-ऑर्डिनेटरजसलीनकौर।वहबतातीहैं,‘बागवानीकाशौकशुरूसेहीरहाहै।इसलिएछतपरआधुनिकरूफटॉपकिचनगार्डनबनवायाहै।इससेमेरीसमस्याकासमाधानभीनिकलाऔरशौकभीपूराहुआहै।’

सुरक्षितहैअपनाभोजन

भोपालकेविशालअय्यरव्यवसायीहैं।वह13-14तरहकीसब्जियांअपनीछतपरउगातेहैं।वहबतातेहैं,‘पांचसालकीउम्रमेंमेराबेटाअक्सरबीमाररहताथा।मनमेंयहख्यालआताथाकिशायदसुरक्षितभोजनकीकमीहै।इसीबीचमेरेदोस्तप्रबुद्धयादवनेघरपरहीआसानतरीकेसेसब्जियांउगानेकेबारेमेंजानकारीदी।उनकेमार्गदर्शनमेंछतपरहीबगियाबनालीतोबेटाभीउसमेंरुचिलेनेलगा।किचनगार्डनबननेकेउत्साहमात्रसेहीउसकीतबियतसुधरनेलगीथी।प्रकृतिकेनजदीकरहनेसेउसकीसेहतमेंबहुतसुधारहुआ।हमारेलिएयेकिचनगार्डनकेवलऑर्गेनिकसब्जियोंकास्रोतहीनहीं,बल्किसकारात्मकऊर्जाकाभीजरियाहै।’

बच्चोंकोजोड़ेंप्रकृतिसे

पर्यावरणकेसुधारकेलिएजरूरीहैकिसभीसाथमिलकरप्रयासकरें।इसीसोचऔरदूरदर्शिताकोदिखातेहुएजालंधरकेमेयरवल्र्डस्कूलकीवाइसचेयरपर्सननीरजामेयरनेजैविककृषिकेमहत्वपरबलदेतेहुएस्कूलीबच्चोंकोभीइसकीशिक्षादेनेकीठानी।इन्होंनेस्कूलकीछतपरजैविकसब्जियांउगानाशुरूकिया।नीरजानेनकेवलबच्चोंकोताजीसब्जियांखानेकेलिएप्रेरितकिया,बल्किउन्हेंप्रकृतिकेनजदीकभीलाईं।

बनालीआधुनिकबगिया

जयपुरकेप्रतीकतिवारीएग्रीकल्चरइंजीनियरऔरलिविंगग्रींसऑर्गेनिकप्राइवेटलिमिटेडकेसंस्थापकहैं।वहशहरीक्षेत्रोंकेलिएविशेषप्रकारकेकिचनगार्डनतैयारकरतेहैं।मार्च2018मेंनईदिल्लीमेंआयोजितकृषिउन्नतिमेलेमेंप्रतीकअपनीइसपहलकेलिएप्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदीसेप्रशंसाभीपाचुकेहैं।प्रतीकद्वारातैयारकिएगएआधुनिकरूफटॉपपोर्टेबलफार्मिंगसिस्टमकोदेखकरप्रधानमंत्रीनेइन्हेंस्मार्टसिटीप्रोजेक्टकाहिस्साबनानेकीइच्छाव्यक्तकीथी।इसीकेतहतबिहारसरकारनेपांचजिलोंमेंएकहजारतीनसौघरोंकीछतपरकिचनगार्डनबनानेकाकामउन्हेंसौंपाथा।

घरपरखेतीकेदोतरीके

इसरोकीपूर्ववैज्ञानिकपूर्णिमासावरगांवकरकहतीहैं,‘छतपरदोतरहसेसब्जियांउगाईजासकतीहैं।पहलाछतपरमिट्टीडालकरऔरदूसरागमलेयाग्रोबैगरखकर।यदिछतपरमिट्टीडालकरखेतीकरनीहैतोयहसुनिश्चितकरलेंकिछतपरचारसेछहपरतकीवाटरप्रूफिंगअवश्यहोअन्यथास्टैंडपरगमलेरखकरउनमेंसब्जियांउगानाअधिकसळ्रक्षितहोताहै।हां,पौंधोंकेअनुसारगमलोंकाआकारअलग-अलगहोसकताहै।आपग्रोबैग्सयाक्रेटआदिमेंभीसब्जियांउगासकतेहैं,जोगमलोंकेमुकाबलेवजनमेंहल्केहोतेहैं।’

समेटलेंअपनेहिस्सेकीधूप

छतपरसोलरपैनललगवानेसेसिर्फऊर्जामिलसकतीहै,सस्टेनेबिलिटीनहीं।सस्टेनेबिलिटीकाअर्थहै,चरखेकीतरहएकप्रकृतिचक्र।पर्यावरणकीकोईवस्तुहमइस्तेमालकरतेहैंतोवहएकचक्रमेंवापसप्रकृतिकोमिले।केवलपौधोंकेजरिएहीहमऐसाकरसकतेहैं।अगरमेरीछतपरसूर्यकीरोशनीआरहीहैतोवहमेरेहिस्सेकीप्रकृतिहै।मैंइसेसहीइस्तेमालकरूंयाव्यर्थजानेदूं,यहमुझपरनिर्भरकरताहै।मैंअपनेछोटेसेबगीचेसेव्यस्तभीरहतीहूंऔरस्वस्थभी।’

पूर्णिमासरगांवकर,पूर्ववैज्ञानिक,इसरो

बूंदबूंदसिंचाई

मेरेइससिस्टममेंविभिन्नआकारकेग्रोबैगहैं,जोपूरीतरहलीकप्रूफहैं।इनमेंमिट्टीकीजगहकोकोपीटतथाजैविकखादकामिश्रणइस्तेमालहोताहैताकिछतपरवजननपड़े।ड्रिपइरिगेशनपद्धतियानीबूंद-बूंदपानीसेइसमेंसिंचाईकीजातीहै,जिससे75प्रतिशतपानीकीबचतहोतीहै।इससेमकानकातापमानकरीबसातडिग्रीकमहोजाताहै।ऑर्गेनिकसब्जियोंकेलिएआधुनिकबायोस्प्रेभीतैयारकिएहैं,जोरसायनमुक्तहैंऔरउनकेसुरक्षितछिड़कावसेसब्जियांहरप्रकारकीबीमारीवकीटोंसेबचीरहतीहैं।’

(प्रतीकतिवारी, एग्रीकल्चरइंजीनियरवलिविंगग्रींसकंपनीकेसंस्थापकहैं)