हंसराज महिला महाविद्यालय ने पूरे किए 96 वर्ष, जानें लाहौर से लेकर जालंधर तक का स्वर्णिम इतिहास

जागरणसंवाददाता,जालंधर।प्रतिष्ठित हंसराजमहाविद्यालय(एचएमवी)नेमंगलवारको96वर्षपूरेकरलिए।इसमौकेपरआयोजितस्थापनादिवससमारोहमें विधायकरमनअरोड़ानेमुख्यअतिथिकेरूपमेंशिरकतकी।उन्होंनेसंस्थानके 3शार्टटर्मकोर्सलांचकिए।ये कोर्सछात्राओंकोआत्मनिर्भरबनानेऔरउनमेंकौशलभरनेकेउद्देश्यसेशुरूकरवाएजारहेहैं।हास्टलकीमेसऔरपक्षियोंकोदानापानीमुहैयाकरवानेकेलिएआबूदानामुहिमभीशुरूकीगई। इसकेतहतकैंपसमें100सेअधिकपक्षियोंकेलिएसकोरेवआलनेबनाएगएहैं।

स्थापनादिवसकोखासबनानेकेलिएछात्राओंनेसंस्थानकीउपलब्धियोंपरकोरियोग्राफीप्रस्तुतकी।उन्होंनेदिखायाकिएचएमवीनेकिसप्रकारसेशिक्षाकेक्षेत्रमेंउच्चरैंकिंगऔरविभिन्नप्रकारकीउपलब्धियांहासिलकीहैं।उन्होंनेमहाविद्यालयमेंछात्राओंकेलिएकरवाईजारहीविभिन्नप्रकारकीखासगतिविधियोंकीझलकभीदिखाई।प्रिंसिपलडा.अजयसरीननेसभीअतिथियोंकास्वागतकियाऔरसंस्थानकीउपलब्धियोंऔरआनेवालेसमयमेंकिएजानेवालेनईप्रोजेक्टशुरूकरनेकेबारेमेंबताया।

एचएमवीकेस्थापनादिवसकेअवसरपरप्रस्तुतिदेतीहुईंछात्राएं।

खुदमेंस्वर्णिमइतिहाससमेटेहैएचएमवी

हंसराजमहिलामहाविद्यालयकीस्थापनामहात्माहंसराजने1927मेंलाहौर(अबपाकिस्तान)मेंकीथी।देशकेविभाजनकेबादस्कूल1948मेंआर्यसमाजविक्रमपुरामेंशिफ्टहुआ।उससमयतत्कालीनउपराष्ट्रपतिडा.सर्वपल्लीराधाकृष्णनने7नवंबर,1959कोवर्कशापचौककेपासकैंपसकाउद्घाटनकिया।मौजूदासमयमेंकालेजयहींचलरहाहै।

वर्ष1886मेंडीएवीस्कूलकीस्थापनाहुईतोसवालउठाकिपढ़ाएगाकौन।महात्माहंसराजबीएपासथे।उन्होंनेअपनाजीवनसंस्थानकेनामसमर्पितकरदिया।उन्होंनेकहाकिवेयहांसेवाकरेंगेऔरउसकेबदलेउन्हेंकुछनहींचाहिए।बकौल,प्रिंसिपलडॉ.अजयसरीनवर्षोंबादभीकालेजअपनीपरपंराकोबरकराररखेहुएहैं।कालेजको2013मेंनैकसे3.83स्कोरमिला।अबनैक++कीरैंकिंगभीसंस्थानकोहासिलहोचुकीहै।

यहउत्तरभारतकापहलाकालेजहै,जिसेयूजीसीनेकालेजऑफएक्सीलेंसस्टेट्सदियागया।मौजूदासमयमेंयहांकरीबपांचहजारछात्राएंशिक्षालेरहीहैं।

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