हमारे योद्धा: जोखिम में जान फिर भी जूझते रहे वॉरियर्स

जासं,मैनपुरी:कोरोनाकहरबरपारहाहै।लोगोंमेंभीखौफइसकदरहैकिउन्होंनेजनताक‌र्फ्यूमेंखुदकोघरोंमेंलॉकडाउनकरलियाहै।धर्मस्थलोंसेलेकरसरकारीदफ्तरतकसबबंदहोचुकेहैं।ऐसेमेंसिर्फचिकित्सकहीहैंजोजोखिममेंजानडालमरीजोंकोउपचारमुहैयाकरारहेहैं।खुदअपनोंसेदूरहैंलेकिनमरीजोंकीफिक्रमेंचौबीसघंटेड्यूटीदेजिम्मेदारीनिभारहेहैं।

रविवारकोजनताक‌र्फ्यूमेंसबकुछबंदथालेकिनजिलाअस्पतालकीइमरजेंसीमेंडॉक्टर्सकीटीमकेरूपमेंवॉरियर्सतैनातथे।सुबहबतौरईएमओविशेषज्ञडॉ.पीकेदुबेनेइमरजेंसीकीकमानसंभालीं।जिम्मेदारीथीलिहाजासमयसेपहलेहीइमरजेंसीपहुंचगए।साथदेनेकोफार्मेसिस्ट,पैरामेडिकलस्टाफ,नॉनपैरामेडिकलस्टाफ,वार्डब्वायऔरचतुर्थश्रेणीकर्मचारीभीमौजूदथे।सामान्यदिनोंकीअपेक्षामरीजतोकमथेलेकिनसबकोसतर्ककरदियागयाथा।

एकटीमकोमुख्यद्वारपरथर्मलस्कैनरकेसाथबिठायागयाऔरदूसरीकोमाइनरओटीकीजिम्मेदारीसौंपीगई।महिलानर्सिंगस्टाफनेइमरजेंसीकेदोनोंवार्डअपनेजिम्मेलेलिए।जोभीमरीजआता,उसेउपचारदेकरहरसंभवमददमुहैयाकराईजारहीथी।डॉ.पीकेदुबेकाकहनाहैकिउनकाऔरउनकीटीमकाकाममरीजोंकाउपचारकरजीवनबचानाहै।फिरचाहेपरिस्थितियांकैसीभीहों।

हां,येबातकचोटतीजरूरहैकिहमअपनेपरिवारसेदूरहैंलेकिनगर्वइसबातकाहोताहैकिसबकोबचानेकीजिम्मेदारीहमडॉक्टरोंकेकंधोंपरहै।चिताहोतीहैलिहाजादिनमेंकई-कईबारफोनपरपरिवारकेसदस्योंकाहालपूछकरउन्हेंबचावकीसलाहदेतेहैं।