हिंदी भाषा भारत माता के माथे की बिंदी

जासं,गोड्डा:हिदीभाषानेहमेशापूरेदेशकोएकताकेसूत्रमेंपिरोयाहै।कश्मीरसेलेकरकन्याकुमारीतकहिंदीहीएकभाषाहैजोभारतकोएकसूत्रमेंबांधेरखाहै।देशकेसंविधाननिर्माताओंने14सितंबर1949कोहिदीकोसंघकीराजभाषाकेतौरपरस्वीकारकरनेकाफैसलाकियाथा।उसऐतिहासिकक्षणकेउपलक्ष्यमेंप्रतिवर्ष14सितंबरकोहिदीदिवसकेतौरपरमनायाजाताहै।भारतीयस्वाधीनतासंग्रामकेदौरानहिदीमेंप्रकाशितहोनेवालेपत्र-पत्रिकाओंनेदेशवासियोंकोअंग्रेजीहुकूमतकेखिलाफजागरूककरनेकाकार्यकियाथा।

हिंदीदिवसपरजिलेकेगणमान्यलोगोंकीभावनाओंकोपाठकोंतकपहुंचानेकीकोशिशजागरणनेकीहै।पेशहैप्रमुखहस्तियोंसहितसाहित्यजगतसेजुड़ेलोगोंकीप्रतिक्रिया।

पूरेदेशमेंहिदीभाषाकेप्रभावक्षेत्रमेंलगातारवृद्धिहोरहीहै।समयकेसाथभाषामेंपरिवर्तनअवश्यआतेहै,लेकिनहिदीनेअपनेवर्चस्वकोअभीतककायमरखाहै।हमेंअपनेरोजमर्राकेकार्योंमेंहिदीभाषाकोबढ़ावादेनाचाहिए।हिदीभारतीयोंकेलिएसर्वसुलभभाषाहै।

-भोरसिंहयादव,डीसी,गोड्डा।

भारतीयस्वाधीनताआंदोलनमेंहिदीनेहमेंवहक्षमतादीजिससेहमअंग्रेजीहुकूमतकाविरोधकरपाएं,उन्हेंयहांसेउखाड़फेंकपाएं।जयहिदऔरवंदेमातरमकाउद्घोषउसताकतकापर्यायबना।हिंदीकीलिपिदेवनागरीकीवैज्ञानिकतासर्वमान्यहै।उच्चारण-अवयवोंकेवैज्ञानिकक्रम-कंठ,तालु,मूर्धा,दंत,ओष्ठआदिसेनिश्सृतहैं।प्रत्येकध्वनिकाउच्चारणस्थलनिर्धारितहैऔरलेखनमेंविभ्रमकीआशंकाओंसेविमुक्तहै।

-डामौसमठाकुर,शिक्षक,गोड्डा।

फोटो-10सभीभाषाओंकामहत्वऔरपहचानअलग-अलगहैलेकिनहिदीसर्वाधिकस्नेहीऔरआत्मीयभाषाहै।हिदीराजभाषाहैपरराष्ट्रभाषानहींबनपारहीहै।यहदुखकीबातहैकिवर्तमानपीढ़ीमेंमानकहिदीकाप्रयोगधीरे-धीरेसमाप्तहोरहाहै।साहित्यिकगतिविधियोंसेलेकरसाहित्यिकरचनाओंमेंइसकीकमीदेखीजारहीहै।जरूरतहैकिहमअधिकसेअधिकहिन्दकाप्रयोगकरइसेपरमवैभवदें।

-डॉराधेश्यामचौधरी,साहित्यकार।

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हिदीभाषाभारतकेमाथेकीबिदीहै।हिदीभाषाकापूरेदेशमेंव्यापकप्रभावभीहै।कन्याकुमारीसेलेकरकश्मीरतकयहआमलोगोंकेसंपर्ककीभाषाहै।यहअधिकप्रासंगिकहैक्योंकिहिदीहैहमवतनहैहिदुस्तानहमारा।आजविश्वकीकोईभीबहुराष्ट्रीयकंपनीअगरअपनाबाजारभारतमेंकरनाचाहताहैतोउसेहिदीभाषामेंहीअपनाविज्ञापनकरवानापड़ताहै।जाहिरहैकिहिदीभाषियोंकीसंख्यादेशमेंसर्वाधिकहै।-डॉनवीनकुमार,प्राचार्य,प्लसटूहाईस्कूल,सुंदरपहाड़ी।

हिंदीसदैवबाहेंपसारेहरभाषाओंकेप्रचलितशब्दोंकोअपनेगलेलगातीहै।इसकीयहीखासियतइसेदिनोंदिनसमृद्धबनातीहै।अबयहहिंदीपट्टीकीहीभाषानहींरहीबल्किसमस्तदेशमेंसमझीऔरबोलीजानेलगीहै।निश्चिततौरपरइसकेविस्तारमेंहिन्दीसाहित्यकायोगदानसर्वाधिकहै।-सुरजीतझा,युवासाहित्यसेवी,गोड्डा।---------------------

हिंदीसभीभाषाओंकीबड़ीबहनजैसीहै।राष्ट्रभाषाबननेकेसभीतत्वऔरइसमेंमौजूदहैं।हिंदीअविलंबदेशकीराष्ट्रभाषाघोषितहो,वर्तमानकेंद्रसरकारसेयहीमांगहै।हिंदीमेंसमस्तदेशवासियोंकोएकसूत्रमेंपिरोएरखनेकीक्षमताहै।हिंदीदिवसपरअशेषशुभकामनाएं।

-प्रोनूतनझा,व्याख्याता,हिदीविभाग,महिलामहाविद्यालयगोड्डा।

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फोटो-9हिंदीतमामबाधाओंकेबावजूदतेजीसेविस्तारितहोरहीहै।इसकेअस्तित्वपरकोईखतरानहींहै।यहअबबाजारकीभाषाभीबनचुकीहै।आजकीतारीखमेंदुनियाकीतीसरीसबसेबड़ीभाषाबनचुकीहै।हमेंआनेवालीपीढि़योंकोयहबतानाहोगाकिमातृभाषाकेप्रतिमांजैसासम्मानउनकेहृदयमेंहोनाचाहिए।-कौशलकुमार,प्राचार्य,जवाहरनवोदयविद्यालय,ललमटिया।