हौसलों के पंखों से कामयाबी का परवाज

दिलशादसैफी,मुजफ्फरनगर:खुदीकोकरबुलंदइतनाकिहरतकदीरसेपहले

खुदाबंदेसेखुदपूछेबतातेरीरजाक्याहै..

मशहूरशायरअल्लामाइकबालकीलिखीयहपंक्तिइनदिव्यांगोंपरसटीकबैठतीहै,जोकुदरतकीमारसेहुईबोझिलजिदगीकाबोझउठानासीखगएहैं।प्रतिभाकाऐसाडंकाबजायाकिहरशख्सइन्हेंसलामकरनेपरअमादाहोगया।इशारोंऔरहाथोंकेस्पर्शसेसमझेंज्ञानकीबदौलतदिव्यांगबच्चेकामयाबीकीमंजिलचढ़रहेहैं।स्टेटऔरनेशनलस्तरपरअपनेनृत्यकेजरिएदिलोंमेंजगहबनानेकेसाथस्वर्णमेडलसेझोलीभरीहै।

गांधीकॉलोनीनिवासीडांसकोरियाग्राफरमोहनअरोराकीमैजिकडांसएकाडमीमेंउनबच्चोंकोसहारेकीबैसाखीमिली,जोतन्हासीजिदगीगुजाररहेथे।हौंसलाबढ़ातोकामयाबीकेपंखउगनेमेंदेरनहींलगी।मोहनबतातेहैंकिएकेडमीमेंसीमाबंसलऔरश्रवणपैरोंसेदिव्यांगहैं।इतनाहीनहीं,प्राचीऔरशिवानीनसुनसकतेहैंऔरनहीबोलसकतेहैं।इनकेअलावासीमारानीदेखनहींसकतीहैं।एकसालकेभीतरयहदिव्यांगबच्चेऐसेहुनरमंदबनेकिदेशभरमेंछागए।नृत्यकेस्टेटऔरनेशनलकेस्पर्धाओंमेंभागलेचुकेहैं,जहांइन्होंनेप्रतिभाकापरचमलहरायाहै।हापुड़,मुरादाबाद,मेरठ,दिल्लीकेलालकिला,जम्मू-कश्मीरमेंनामरोशनकियाहै।

मुंबईकेकलाकारोंनेमानालोहा

इनदिव्यांगबच्चोंनेस्टेटलेवलपरमुरादाबादमेंप्रतिभागकिया।यहांकरीब100सेअधिकबच्चोंकोपछाड़करगोल्डमेडलजीतेहैं।इसकेबादजम्मू-कश्मीरमेंनेशनलकंपटीशनप्रतिभागकरयहांभीगोल्डमेडलप्राप्तकिएहैं।इनकीप्रतिभादेखकरबिगबॉसमेंकामचुकींईशा,बॉलीवुडकोरियाग्राफरप्रकाशफिननेभीलोहामानाहै।अबतकयहएकेडमीकेयहबच्चेकरीब26गोल्ड,सिल्वर,कांस्यपदकप्राप्तकरचुकेहैं।

ऐसेसिखाएनृत्यकेगुर

मोहनबतातेहैंकिप्राचीऔरशिवानीकोहाथपकड़करनृत्यकेगुरसिखाएहैं,इन्हेंबतायाकिकिनगीत,भजनऔरगानेपरकितनीबारहाथ,पैरकाएक्शनदेनाहै।सीमारानीदेखनहींसकतीहै,लेकिनगीतोंकोसुनकरऔरउसकेस्टेपसीखेहैं।सीमाबंसल,श्रवणकोचेहरेकेसाथहाथोंसेनृत्यकेतरीकेबताएगए।जिसकेबलपरयहआगेबढ़सकेहैं।इनदिव्यांगबच्चोंकेप्रतियोगितामेंभागलेनेपरवहीखर्चवहनकरतेहैं।