गुमनाम जिंदगी जी रहे पाकिस्तान से रिहा हुए कैदी, 19 में से सात को तो अपना नाम व पता नहीं मालूम; अमृतसर में चल रहा इलाज

अमृतसर[गुरजिंदरमाहल]।सीमासुरक्षाबल(बीएसएफ)कीओरसेभारत-पाकिस्तानसीमाकेनजदीककंटीलीतारकेपासपकड़ेगएमंदबुद्धिलोगरिहाईकीउम्मीदमेंगुमनामजिंदगीजीरहेहैं।अमृतसरकेविद्यासागरमनोरोगअस्पतालकोजबइनकीसुपुर्दगीहुईतोइन19कैदियोंकीमानसिकहालतबहुतदयनीयथी।इनकाप्राथमिकचेकअपवपुलिसजांचकेबादअस्पतालमेंभेजदियागया।वहांइनकालंबेसमयतकइलाजचला।विद्यासागरमनोरोगअस्पतालकेडायरेक्टरडा.सविंदरसिंहनेबतायाकियहरिपेट्रिएटमरीजगुमनामीकाजीवनबसरकररहेहैं।रिकार्डकेमुताबिक14अगस्त,2007कोपाकिस्ताननेअलग-अलगसीमाओंपरकंटीलीतारकेसमीपघूमतेव्यक्तियोंकोपकड़करजेलोंमेंडालदिया।परंतुसमयबीतनेकेबादपाकिस्तानसरकारनेइनमरीजोंकोभारतसरकारकोसौंपदिया।

पाकिस्तानसेछूटकरआएइनलोगोंकोअमृतसरकेरेडक्रासभवनकेअधिकारियोंकेसुपुर्दकियागयाऔरवहांसेउन्हेंइलाजकेलिएविद्यासागरअस्पताललायागया।इसकेबादतत्कालीनडायरेक्टरबीएलगोयलतीनसालतकपुलिसऔरकेंद्रसरकारकेसाथइनलोगोंकोउनकेघरभेजनेकेलिएजद्दोजहदकरतेरहे।बादमें12मरीजोंकोउनकेघरपहुंचायागया।अबयहांसातमरीज,ननामबतापातेहैंऔरनहीपता।डा.सविंदरनेबतायाकिअबयहांसातमरीजहैं।पाकिस्तानकीओरसेदीगईजानकारीकेअनुसारउनकानाममोहम्मदइकबाल,चांडी,रामू,नसीब,माया,गोपालभगतऔरफरुखबतायागयाहै।यहजानकारीसहीहैयानहीं,इसकेबारेमेंकुछनहींकहाजासका।येसातोंलोगअपनामानसिकसंतुलनखोचुकेहैं।इनसभीकोअलगवार्डमेंरखागयाहै।उनकीहालतऐसीहैकिनतोवहअपनाकोईनामबतापातेहैंऔरनहीघरकेपतेकेबारेमेंकुछबतापातेहैं।

बताएपतेपरकीजांच,गलतनिकलीजानकारी

डा.सविंदरसिंहकेअनुसारइनमेंसेकुछनेकईसालपहलेअपनानामऔरअपनेघरकापताभीबतायाथा।परंतुजबवहांतकपहुंचकीगईतोवहसबकुछगलतनिकला।अबवहरैनबसेराकोहीअपनाघरवपरिवारसमझनेलगेहैं।त्रासदीयहहैकिइनमरीजोंकाअभीतकयहनहींपतालगपायाकियहभारतकेनिवासीहैंयापाकिस्तानके।क्योंकिइनकोरिपेट्रिएटकानामदेकरभारतभेजागयाथा।