गरीबी उन्मूलन में जिले की महिलाओं की भूमिका अहम

मधुबनी।स्वरोजगारसेआर्थिकतरक्कीकीराहआसानहुईहै।इससेजिलेमेंगरीबीउन्मूलनमेंमहिलाओंकीअहमभूमिकासामनेआईहै।किसीभीपरिस्थितिमेंरोजगारकोगतिप्रदानकरनेकीसोचनेकोरोनाकीलगातारतीसरीलहरकेबीचभीरोजगारकीडगरमजबूतहुईहै।आर्थिकरूपसेकमजोरजिलेकीमहिलाएं,युवातबकाकमपूंजीऔरअपनीमेहनतसेछोटे-छोटेव्यापारशुरूकरअपनीआर्थिकस्थितिसु²ढ़कररहेहै।जिलेकेकरीबचारलाखयुवारेस्टोरेंट,किराना,होटल,रेडिमेडकपड़ा,टेलर्स,मोबाइलसेट,मोबाइलरिचार्ज,फास्टफूड,गैरेज,स्वीटहोम,दवादुकान,इलेक्ट्रानिक्ससहितअन्यदुकानोंकासंचालनकररोजगारप्राप्तकररहेहैं।युवाप्रतिमाह20से30हजाररुपयेकीआमदनीकररहेहैं।मकाननिर्माणसेजुड़ेमजदूरप्रतिदिन350से400रुपएतथाराजमिस्त्री550से600रुपयेमजदूरीपातेहैं।शहरकेसैकड़ोंयुवाई-रिक्शाकासंचालनकरप्रतिदिनकरीबएकहजाररुपयेकीआमदनीकररहेहैं।मिथिलापेटिगकेक्षेत्रमेंमहिलाएंरोजगारपारहीहै।आनलाइनबाजारऔरव्यापाररोजगारकाद्वारखोलदियाहैं।मशरूमउत्पादनकरआत्मनिर्भरकीओरबढरहीजिलेकीमहिलाएंजिलेकेकरीबदसहजारमहिलाओंनेमशरूमउत्पादनमेंआगेबढ़करगरीबीउन्मूलनमेंअपनायोगदानदेकरआत्मनिर्भरकीओरबढरहीहै।शहरकेलहेरियागंजकीरीनाकुमारीखुदमशरूमउत्पादनसेजुड़कररोशनकुमार,चंदनकुमार,आरतीदेवी,रानीदेवी,पुतुलदेवी,सरितादेवीसहितजिलेकेसैकड़ोमहिलाओंकोमशरूमउत्पादनकोप्रेरितकियाहै।महिलाओंमशरूमसेप्रतिमाहदससे15हजाररुपयेकीआमदनीकररहींहै।फल-सब्जियांकीखेतीसेबढ़ीआमदनीकृषिकेक्षेत्रमेंआयुर्वेदिकपौधों,उन्नतकिस्मकेफल-सब्जियांकीखेतीकरआर्थिकविकासकोबढ़ारहेहैं।गांवमेंकृषिआधारितउद्योगऔरइसकेतरक्कीकेलिएसरकारीस्तरपरदिएजारहेसहयोग,प्रोत्साहनकामगारोंकीकिस्मतऔरगांवोंकीतस्वीरबदलरहीहै।जिलेमेंमधुउत्पादनकरसैकड़ोंकामगारजीवन-यापनकररहेहै।वहींनेटहाउसतथापालीहाउसकेमाध्यमसेशिमलामिर्च,बीजरहितखीरा,टमाटर,बैगनवफूलगोभीकाउत्पादनकररहेहैं।इसतरहकृषिउत्पादनकेलिएविभागीयस्तरपरअनुदानकारगरसाबितहोरहाहै।मुर्गीपालन,पशुपालन,मत्स्यपालन,मधुमक्खीपालनतथाकृषिआधारितउद्योगकोबढ़ानाकेलिएबैंकोंद्वाराऋणदियाजानाकारगरहुआहै।