ग्रामीण इलाकों में 80 फीसद बच्चे नमक-भात खाकर जी रहे

मो.तकी,चाईबासा:पश्चिमीसिंहभूमजिलाअतिकुपोषितक्षेत्रमेंहै।एकआंकड़ेकेअनुसार5-6फीसदमौतपांचसालसेकमआयुकेबच्चोंकीप्रतिवर्षकुपोषणकेकारणहोतीहैं।अतिपिछड़ेजिलेमेंशामिलइसजिलेमेंकमउम्रमेंहीलड़कियोंकीशादीहोजातीहै।कमउम्रमेंशादीहोनेसेअंडरएजप्रेगनेंसीहोतीहै।इसकारणबच्चामांकेगर्भमेंपूराविकसितनहींहोपाताहै।प्रसवपूर्वजांचभीसभीमहिलाओंकीनहींहोपारहीहै।जबमहिलागर्भवतीहोतीहैतोउसकोयहजानकारीनहींहोपातीहैकिउसनेगर्भधारणकबकिया,इसलिएउनकेप्रसवकीतारीखकोसहीतरीकेसेबतानेमेंडाक्टरभीस्पष्टनहींहोपातेहैं।जबमहिलाकोप्रसवपीड़ाशुरूहोतीहैतोअस्पताललानेमेंकाफीदेरहोजातीहै।20फीसदसेअधिकमहिलाओंकाप्रसवघरयारास्तेमेंहोजाताहै।साथहीसुदूरक्षेत्रमेंरहनेवालीमहिलाओंकाअल्ड्रासाउंडतकनहींहोपाताहै।इससेभीबच्चेकेजन्मकेसमयपरेशानीहोतीहै।प्रसवकेबादछहमाहतकबच्चोंकोस्तनपानग्रामीणमहिलाएंनहींकरातीहैजबकियहकाफीजरूरीहोताहै।बच्चोंकोपूरकआहारनहींमिलनेसेकुपोषणकेशिकारहोनेकीसंभावना90फीसदतकबढ़जातीहै।बच्चोंकोग्रामीणक्षेत्रमेंविशेषभोजननहींदियाजाताहै।बच्चोंकोअलगसेभोजननहींपरोसाजाताहै।एकसर्वेमेंयहबातसामनेआयीहैकिग्रामीणक्षेत्रके80फीसदबच्चेभोजनकेरूपमेंमात्रनमक-भातहीखाकरजीतेहैं।इससेकुपोषणनहींहोगातोक्याहोगा?बच्चोंमेंबीमारीकेकारणभीकुपोषणजड़जमाताहै।इसमेंनिमोनिया,डायरिया,मलेरिया,खसरा,कृमिसमेतअन्यशामिलहै।

जिलाकुपोषणउपचारकेंद्रकेप्रभारीडाक्टरजगन्नाथहेम्ब्रमकहतेहैं,देखनेमेंआयाहैकिग्रामीणक्षेत्रकीमहिलाएंगर्भकेसमयहड़ियाकाइस्तेमालकरतीहैं।इससेउनकोज्यादापेशाबहोतीहै।वहींगर्भमेंपलरहेबच्चेकोकाफीनुकसानहोताहै।दरअसल,बच्चोंकोदोसालतकप्रतिदिनआठबारभोजनकीआवश्यकताहोतीहै।इसमेंतीनबारभोजनऔरपांचबारस्तनपानकरानाअनिवार्यहोताहै।जबकिहमदोसालकेबादबच्चोंकेभोजनकेबारेसोचतेहीनहींहैं।कुपोषणसेबचनेकेलिएमहिलाओंकोहोनाहोगाजागरूक:कुपोषणकोदूरकरनेकेसंबंधमेंजानकारीदेतेहुएडा.जगन्नाथहेम्ब्रमनेकहाकिसबसेपहलेग्रामीणक्षेत्रकीमहिलाओंकोजागरूकहोनाहोगा।इसकेबिनाहमकुपोषणजैसीसमस्यासेकभीछुटकारानहींपासकतेहैं।20वर्षकेबादयुवतीकाविवाहकियाजानाचाहिए,जिससेवहगर्भकेसमयशरीरसेमजबूतरहे।गर्भकेसमयखान-पानऔरनियमितिजांच,पौष्टिकआहार,नशापानसेदूरी,स्वास्थ्यकेंद्रमेंप्रसव,छहमाहतकमांकेदूधकेअतिरिक्तकुछनहीं,दोसालतकपौष्टिकआहारकेसाथमांकादूधबच्चोंकेलिएअनिवार्यहै।जिसप्रकारहमघरकेबुजुर्गकेलिएखानाबनातेहैंउसीप्रकारबच्चोंकेलिएभीअलगसेखानाबननाचाहिए।साथहीपौष्टिकभोजन,बार-बारभोजन,अलग-अलगभोजनदेकरहमबच्चोंकोकुपोषणसेदूररखसकतेहैं।

कुपोषणजिलाकीएकबड़ीसमस्याहै।कुपोषणकेप्रतिमहिलाओंकोजागरूककरनाजरूरीहै।जबतकमहिलाजागरुकनहींहोगी,बच्चोंकेकुपोषणकोहमखत्मनहींकरसकतेहैं।

-उषारानी,कुमारडुंगी।

आंगनबाड़ीकोहममजबूतकरकुपोषणपरनियंत्रणकरसकतेहैं।हरघरतकपहुंचसिर्फआंगनबाड़ीकीहोतीहै।वहांसेनियमितपोषणकेसाथअतिरिक्तपोषणदेकरगर्भवतीमहिलाओंकोपौष्टिकआहारकीपूर्तिकीजासकतीहै।

-सुनीताहेम्ब्रम,कुमारडुंगी।

शिक्षाऔरजागरूकताकेबिनाहमकुपोषणसेमुक्तहोनेकीकल्पनानहींकरसकतेहैं।ग्रामीणक्षेत्रकीमहिलाएंज्यादाशिक्षितनहींहोतीहै।इसलिएउनकोयहभीपतानहींचलपाताहैकिगर्भकेसमयउनकोक्याभोजनकरनाहै।

-पटेलगागराई,कुमारडुंगी।राज्यमेंसबसेकुपोषितजिलाहोनेकेबावजूदउपचारकेंद्रकीसंख्याइतनीकमहै।जबकिहमेंकुपोषणकोखत्मकरनेकेलिएएकलक्ष्यलेकरचलनाचाहिए।कुपोषणउपचारकेंद्रहरप्रखंडमेंखुले।इसकेलिएप्रचार-प्रसारभीबड़ीहोनीचाहिए।

-सुषमादेवी,जगन्नाथपुर।ग्रामीणक्षेत्रमेंजागरुकताकीकमीकेकारणकुपोषणकोएकआमबीमारीमानकरगलेऔरपैरमेंलकड़ीकाकुछटुकड़ाबांधदेतेहैं।इसकेइलाजकेलिएहमडाक्टरसेसंपर्कभीकरनानहींचाहतेहैं।इलाजकेकमीकेकारणअधिकत्तरबच्चोंकीमौतहोजातीहै।

-किशोरीसिंह,सियालजोड़ा।