गंदगी और बीमारी की चपेट में गो सरंक्षण केंद्र के गोवंश

बस्ती:जिलेकादूसरावृहदगोसंरक्षणकेंद्रकोईलपुराभीबदहालीकाशिकारहोगयाहै।जिम्मेदारोंकीओरसेयहांरखेगएगोवंशकीसुधिनहींलीजारहीहै।हालतयहहैकिकेंद्रमेंएकगोवंशमरणासन्नस्थितिमेंहैंतो10खुरपकारोगसेबीमारहैं।परिसरमेंबारिशकापानीजमाहै,उसीमेंगोवंशमलमूत्रभीत्यागरहेहैं।जमागंदेपानीकोपीभीरहेहैं।

सदरविकासखंडकेकोईलपुरागांवकेबाहरवरवईनदीकेपाससंचालितवृहदगोसंरक्षणकेंद्रकानिर्माणपिछलेवर्षकरायागयाथा।इसपरएककरोड़बीसलाखरुपयेखर्चकिएगएथे।200बेसहारापशुओंकेलिएबनाएगएइसकेंद्रकासंचालनइसवर्षमार्चमेंशुरूकियागयाथा।शुरूमेंइसमें80गोवंशरखेगएथे।वृहदगोसंरक्षणकेंद्रशुरूहोनेकेसाथहीबदइंतजामीकाशिकारहोगयाहै।लोलैंडपरबनाएगएइसगोसंरक्षणकेंद्रमेंइनदिनोंपानीचारोतरफपानीभराहै।पेयजलकेलिएयहासमरसेबुलपंपववाटरटैंकलगाएगएहैं।केंद्रकासंचालनशुरूहोतेहीपाइपमेंलीकेजकेकारणपरिसरमेंपानीफैलजाताहै।इनदिनोंपरिसरमेंपानी,मिट्टीऔरगोवंशकेमलमूत्रकेकारणगंदगीफैलीहै।केंद्रमेंकुल148गोवंशमौजूदहैं,इनमें21गोवंशवृहदगोसंरक्षणकेंद्ररमनातौफीरसेलाएगएहैं।मौजूदगोवंशमेंसेएकमरणासन्नस्थितमेंजमीनपरपड़ाहै।वहीं10गोवंशऐसेहैंजोखुरपकारोगसेग्रस्तहैं।केंद्रपरगोवंशकेलिएनतोपर्याप्तमात्रामेंभूसाहैऔरनहीपशुआहार।गोवंशकीदेखभालकेलिएकेंद्रपरपांचगोसेवकतैनातकिएगएहैं,इसकेबादभीव्यवस्थादुरुस्तनहींहोपारहीहै।कोईलपुराकेप्रधानसियारामचौधरीनेकहाकिपहलेकीअपेक्षाव्यवस्थासुधरीहै।जितनाउनसेहोपारहाहैकररहेहैं।

मुख्यपशुचिकित्साधिकारीडा.एकेतिवारीनेबतायाकि

वृहदगोसरंक्षणकेंद्रकोईलपुराकाभीनिर्माणलोलैंडपरहोनेसेवहांबारिशकापानीजमाहोगयाहै।गोवंशकेबीमारहोनेकीजानकारीनहींहै।वहखुदकेंद्रकानिरीक्षणकरव्यवस्थाकाजायजालेंगे।व्यवस्थामेंजोभीकमीहोगीदूरकियाजाएगा।