घुमक्कड़ों को रास आएगी ‘यात्रा पूरब के स्विट्जरलैंड की’, जानिए मामला

अलीगढ़,जागरणसंवाददाता। यात्रा,जीवनकापर्याययाजरूरतहैयायूंकहेंकिजीवनकीपहचानऔरप्रमाण...,यात्राकेबादहमनिश्चयहीवहनहींरहतेजोयात्रासेपहलेहोतेहैं...,हमारेद्वाराकीगईकोईभीयात्रापहलेकीअपेक्षाकहींअधिकप्रसन्न,समृद्ध,सूचनावज्ञानसंपन्न,हरा-भरातथाचहका-महकासेबनादेतीहै।शहरकेवरिष्ठसाहित्यकारडा.प्रेमकुमारनेअपनीनईकृति(यात्रावृतांत)‘यात्रापूरबकेस्विट्जरलैंडकी’कीप्रस्तावनाकेप्रथमपेजपरहीयात्राकीमहत्ताकोकुछइन्हींशब्दोंमेंप्रतिपादितकियाहै।

134पेजकीहैपुस्‍तक

डा.प्रेमकुमारने134पेजकीइसपुस्तकमें11सालपूर्वसेमिनारमेंभागलेनेकेलिएइंफाल(मणिपुर)कीयात्राकेदौरानदेखे-सुने,जानेमहसूसकिएगएपलोंकोनकेवललिखाहै,बल्किखुदजीयाभीहै।एयरपोर्टपरकदमरखतेहीवेउद्वेलितऔररोमांचितहोजातेहैं।पाठक,जैसे-जैसेपन्नेउलटनाशुरूकरताहै,खुदकोउनलम्होंवस्थलोंसेजोड़तेहुएएकनएसंसारमेंपहुंचजाताहै।अपनेअंदरकेबंजारेकोपुकारनेलगताहै।मस्तिष्कपटलसेमणिपुरराज्यकोलेकरव्याप्तभ्रांतियोंकाअंतहोनाशुरूहोजाताहै।भारतकीविराटता,विशालताऔरसामाजिक-सांस्कृतिकस्तरपरअपनेदेशकेअनुपम-अद्भुतवैविध्य,सामंजस्य,सौंदर्यकाअद्भुतचित्रणलेखकनेकियाहै।सारीचिंताएंऔरतकलीफेंयात्राकेसाथजातीरहतीहैं।आतंकितकरतेबाजारोंऔरजंगलोंकेविपरीतलेखकइंफालकीरमणयीता,लोगोंकेआत्मीयसहज,सरल,उदार,श्रमशीलस्वभावऔरसोचपाठकोंकोविस्मितकरतीहै।

संगोष्‍ठीकेअनुभवकोकियासाझा

पूर्वोत्तरकीभाषाएं(मणिपुरीवअसमियां)औरहिंदीविषयपरआयोजितराष्ट्रीयसंगोष्ठीमेंउद्घाटनसत्रसेलेकरसमापनतककेअनुभवभीसाझाकिएहैं।पन्नापलटतेहीइंफालकीयात्रापरजानेवालेशाकाहारियोंकोआपबीतीयादआनेलगतीहै।लेखकभीखूबमिटानेकेलिएजिद्दोजहकरतेदिखतेहैं।झरनेऔरशांतघाटियां,सबकुछभुलादेतीहैं।अतिदेवोभवःकीभावनाकेसाथआगंतुकोंकाआतिथ्यसत्कारकीपरंपराइंफालमेंदिखतीहैं।यहपुस्तकघुमक्कड़ीहीनहीं,गैरघुमक्कड़ीलोगोंकोभीपसंदआएगी।लेखनकायहहुनरडा.प्रेमकुमारकेपूर्वकेकहानीसंग्रहों,साक्षात्कार(नीरज,शहरयार,काजीअब्दुलसत्तारआदि),आलोचनाग्रंथवअन्यकृतियोंमेंदिखताहै।लेखकडीएसकालेजकेहिंदीविभागकेनिवर्तमानरीडरहैं।