गेल और वन विभाग संयुक्त रूप से रोपेंगे 1.50 लाख पौधे

गेलऔरवनविभागसंयुक्तरूपसेरोपेंगे1.50लाखपौधे

संसू,दिबियापुर:भोजन-पानीकेसाथहीहरेपेड़पौधेजीवनकेलिएजरूरीहै।हरकिसीकोएकपौधलगानाचाहिए।इससेहमपर्यावरणकोसुरक्षितरखसकतेहैं।ऐसानकरनेपरसंकटकेबादलछाजाएंगे।इससंदेशकेसाथहीगैसअथारिटीआफइंडियालिमिटेडनेउत्तरप्रदेशराज्यवनविभाग(यूपीएसएफडी)केसाथडेढ़लाखपौधारोपितकरनेकोलेकरसमझौतेपरहस्ताक्षरकिया।अनूठीपहलकीसभीनेप्रशंसाकी।

गैसअथारिटीआफइंडियालिमिटेड(गेल)पाताकेकार्यकारीनिदेशकअजयत्रिपाठीनेउत्तरप्रदेशवनविभागकेप्रभागीयवनविभागकेसाथएकसमझौतेपरहस्ताक्षरकिएहैं।इसमें1.50लाखपौधोंका4.3हेक्टेयरक्षेत्रमेंमियावाकीपद्धतिकेमाध्यमसेरोपणकियाजाएगा।जोकिएकजापानीविधिहै।वनस्पतिविज्ञानीअकीरामियावकीनेविकसितकियाथा।इसमाध्यमसेपौधेसामान्यरूपसेकिएगएपौधारोपणकीअपेक्षा10गुनातेजीसेवृद्धिकरतेहैं।अधिकघनेवछायादारवृक्षतैयारहोतेहैं।उन्होंनेकहाकिग्लोबलवार्मिंगकोदेखतेहुएहमेंज्यादातरपौधोंकोरोपितकरनाचाहिए।यहनहींसोचनाचाहिएकिमेरेपासपौधेरोपितकरनेकेलिएजगहहैकिनहीं।हमखालीपड़ेकिसीभीक्षेत्रमेंपौधेलगाकरउनकीआवश्यकदेखभालकरवृक्षतैयारसकतेहैं।