गड्ढे में है फूस का घर, बारिश होने पर भागना पड़ता है

खगड़िया।महादलितों,वंचितोंकेविकासकोलेकरबड़े-बड़ेदावेकिएजातेरहेहैं,लेकिनधरातलपरस्थितिदयनीयहै।सुदूरबेलदौरप्रखंडअंतर्गतकंजरीपंचायतकेवार्डपांचमेंकालीकोसीनदीकिनारेजमींदारीबांधकेबगलमेंमहादलितमलिकपरिवारनिवासकरतेहैं।जिन्हेंआजतकआवासनसीबनहींहुआहै।आधेदर्जनसेअधिकमहादलितपरिवारएकगड्ढेमेंटाट-फूसकाघरबनाजैसे-तैसेरहरहेहैं।बरसातहोनेपरइनकेघरोंमेंपानीभरजाताहै।सावन-भादोमेंइन्हेंबेघरहोनापड़ताहै।बाढ़-बरसातमेंप्लास्टिकसीटकेसहारेबांधपरगुजर-बसरकरतेहैं।इनलोगोंकोहरहमेशासांप,बिच्छूकाडरसतातेरहताहै।

दलितयुवासंग्रामपरिषदकेप्रदेशअध्यक्षआचार्यराकेशपासवानशास्त्रीनेइसओरअधिकारियोंकाध्यानआकृष्टकरायाहै।कहाहैकिबरसातपूर्वयहांमिट्टीभराईकरइनकेआवासकोसुरक्षितकियाजाए।

कोटमहादलितों-वंचितोंकेविकासकोलेकरबड़े-बड़ेदावेकिएजातेहैं।परंतु,धरातलपरस्थितिदयनीयहै।खासकरमहादलितमलिकोंकी।इसओरनतोअधिकारियोंऔरनहीजनप्रतिनिधियोंकाध्यानहै।संजीवडोम,संस्थापक,बहिष्कृतहितकारीसंगठन

येलोगबांधकेअंदरबसेहुएहैं।15वर्षपूर्वइन्हेंआवासयोजनाकालाभदियागयाथा।परंतु,इनलोगोंनेघरनहींबनाया।

पचियादेवी,मुखिया,कंजरीपंचायत