गड्ढे का पानी पीने को विवश हैं टोडलखार के आदिवासी

गावां(गिरिडीह):गावांप्रखंडकेजमडारपंचायतअंतर्गतजमडार-तराईमुख्यपथपरबसाहुआहैआदिवासीगांवटोडलखार।इसगांवकेनीचेटोलामेंपानीकीजबरदस्तकिल्लतहै।इसटोलेमेंनिवासकरनेवालेआधादर्जनपरिवारोंके29सदस्योंकोपेयजलकेलिएकाफीपरेशानीकासामनाकरनापड़रहाहै।यहांरहनेवालेलोगोंकोगड्ढेकापानीपीनापड़ताहै।गांवकेइसटोलेमेंनतोचापाकलहैऔरनहीकुआं।सरकारकीग्रामीणक्षेत्रोंमेंहरपरिवारकोस्वच्छपेयजलमुहैयाकरानेकीसारीयोजनाएंयहांफेलहोतीनजरआतीहैं।चापाकलवकुआंनहींरहनेसेलोगोंकोगंदापानीपीनापड़ताहैजिससेबीमारपड़नेकीभीसंभावनाबनीरहतीहै।इतनाहीनहींबरसातकेदिनोंमेंजबगड्ढापूरीतरहगंदेपानीसेभरजाताहैतोमजबूरीमेंगांवकेलोगोंकेपासकोईअन्यसाधननहींरहनेकेकारणगंदेपानीकोकपड़ेसेछानकरपीनेकेलिएवेइस्तेमालकरतेहैं।गुरुवारकोजबजागरणकीटीमपेयजलकीकिल्लतकीसूचनापरगांवमेंपहुंचीतोगांवकेरहनेवालेचारलोगपानीलानेउसीगड्ढेकेपासगएहुएथे।गांवकीहीसुनीतादेवीपतिपवनटुडूगड्ढेसेपानीनिकालकरकपड़ेसेछानकरडेगचीमेंभररहीथी।वहींसावनीदेवीकोउसकापतिकिशुनहांसदाभीपानीभरनेमेंमददकररहाथा।सुनीतादेवीनेकहाकिउनलोगोंकोपीनेकेपानीकीकोईव्यवस्थानहींहै।सालोंभरगड्ढेकापानीपीतेहैंजिससेबीमारपड़नेकीभीसंभावनाबनीरहतीहै।बरसातमेंजबपानीगंदाहोजाताहैतोमजबूरीमेंकपड़ेसेउसेछानकरपीनेमेंइस्तेमालकरतेहैं।

पवनटुडूनेबतायाकिटोडलखारगांवमेंपीनेकेपानीकीकाफीदिक्कतहै।शुद्धपेयजलकीव्यवस्थानहींरहनेकेकारणवेलोगगड्ढेकागंदापानीपीनेकोविवशहैं।

किशुनहांसदानेकहाकिआधादर्जनपरिवारोंके29सदस्ययहांरहतेहैं।उनकेलिएपेयजलकीकोईव्यवस्थानहींहैइसकारणवेलोगकिसीतरहसेअपनीप्यासबुझानेकेलिएगड्ढेकापानीपीतेहैं।पानीकीसमस्याकेसंबंधमेंजानकारीमिलनेपरपहुंचेकैलाशसत्यार्थीचिल्ड्रेनफाउंडेशनकेकार्यकर्तासुरेंद्रत्रिपाठी,आरिफअंसारीएवंपंकजकुमारनेकहाकिगांवमेंपीनेकेपानीकीसमुचितव्यवस्थानहींरहनेसेउनलोगोंकोकाफीदिक्कतोंकासामनाकरनापड़रहाहै।पेयजलकीव्यवस्थाकरवानेकेलिएग्रामीणोंनेफाउंडेशनकेकार्यकर्ताओंकेनेतृत्वमेंस्थानीयविधायकबाबूलालमरांडीकोभीआवेदनदियाहैताकिसमस्याकासमाधानहोसके।