एनजीटी ने गोवर्धन के मानसी गंगा कुंड में जल प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर दिए निर्देश

नयीदिल्ली,28अक्टूबर(भाषा)राष्ट्रीयहरितअधिकरणनेउत्तरप्रदेशप्रदूषणनियंत्रणबोर्डकोगोवर्धनशहरमेंमानसीगंगाकुंडमेंजलप्रदूषणकोनियंत्रितकरनेऔरयहजांचकरनेकेनिर्देशदिएकिजलकुंडमेंसीवरकापानीनगिरे।न्यायाधीशरघुवेंद्रराठौड़कीअध्यक्षतावालीपीठनेकहाकिबोर्ड‘कुंड’मेंसीवरकापानीगिरानेवालेलोगोंयाअन्यतरीकेसेउसकेपानीकोप्रदूषितकरनेवालेलोगोंकेखिलाफकार्रवाईकरकेजलप्रावधानकानून,1974केतहतअपनीशक्तियोंकाइस्तेमालकरसकताहै।एनजीटीनेकहाकिबोर्डमानसीगंगाकुंडमेंसीवरकापानीयाकोईघरेलूकचरानगिरनेदे।पीठनेकहा,‘‘राज्यप्रदूषणनियंत्रणबोर्डकेअधिकारीमानसीगंगाकुंडकेनमूनेतत्काललेंऔरइसकीजांचकराएंकिक्यापानीपीनेयोग्य,नहानेकेलिएसहीहैतथाकानूनकेतहतनिर्धारितमानकोंकापालनकरताहै।रिपोर्ट10दिनकेभीतरसौंपें।’’एनजीटीनेभरतपुरकेजिलामजिस्ट्रेटकोआठनवंबरकोउसकेसमक्षपेशहोनेतथाकच्चीपरिक्रमामेंसीमेंटटाइल्सकोहटानेसेसंबंधितआदेशकापालनकरनेकेबारेमेंउसेसूचितकरनेकेभीनिर्देशदिए।पुराणोंकेअनुसार,जबभगवानकृष्णनेव्रजवृंदावनकेनिवासियोंकोइंद्रदेवकेप्रकोपसेबचायाथातोउन्होंनेउन्हेंगोवर्धनपर्वतकीपूजाकरनेकीसलाहदीऔरउन्होंनेपूजाकीतथापर्वतकेचारोंओरपरिक्रमाकी।गोवर्धनपर्वतकीकरीब23किलोमीटरकी‘परिक्रमा’हैऔरइसेपूराकरनेमेंपांचसेछहघंटेलगतेहैं।एनजीटीनेपहलेकहाथाकिगोवर्धनमेंबिनापंजीकरणसंख्याकेई-रिक्शाचलनाअवैधहैऔरउसनेमथुराकेमंदिरोंकेलिएप्रसिद्धइसशहरमेंउनकेनियमनकेनिर्देशदिएथे।एनजीटीमथुरास्थितगिरिराजपरिक्रमासंरक्षासंस्थानऔरअन्यकीयाचिकापरसुनवाईकररहाहैजिसमेंएनजीटीकेचारअगस्त2015केनिर्देशोंकापालनकरनेकाअनुरोधकियागयाहै।