दुर्गा पूजा को लेकर बाजार में रौनक

जागरणसंवाददाता,सिलीगुड़ी:दुर्गापूजाकोलेकरबाजारमेंरौनकनजरआरहीहै।विभिन्नदुकानोंऔरमॉलकेसामनेढाकबजाएजारहेहैं।पूजाकोलेकरजमकरखरीदारीकीजारहीहै।कपड़ेऔरजूते-चप्पलकीबिक्रीजोरोंपरहै।छोटीदुकानहोयाफिरबड़ीदुकानसभीपरग्राहकनजरआरहेहैं।विशेषकरगहनोंकीमेकिंगचार्जसहितडायमंडज्वेलरीपरविशेषछूटदीजारहीहै।छूटकेबोर्डजगह-जगहपरनजरआरहेहैं।इसबारेमेंदुकानदारोंकाकहनाहैनवरात्रशुरूहोगयाहै।षष्ठीकेदिनसेहीपूजाशुरूहोजाएगी।इसलिएइससमयपलभरकीफूर्सतनहंीमिलरहीहै।सुबहसेग्राहकपहुंचनेलगतेहैं।वहींखरीदारोंकाकहनाहैकिदुर्गापूजापरजहांएकविशेषआनंदकीअनुभूतिहोतीहै,वहींखरीदारीकरकेभीबेहदसुकूनमहसूसहोताहै।यहएकऐसासमयहैजबहरवैरायटीउपलब्धहोतीहै।इससमयबाजारमेंफैशनेबलकपड़े,नईस्टाइलकीवस्तुएंउतारीगईहै।इसलिएइससमयजमकरखरीदारीकीजारहीहै।महाअष्टमीकेदिनपुष्पांजलिअर्पितकरनेकीपरंपराहै।इसदिननएयाफिरसाफ-सुथरेकपड़ेपहनेजातेहैं।नएकपड़ेपहनकरहीदेवीकीआराधनाकरेंगे।इसलिएइससमयपरिवारकेसाथघरोंमेंकामकरनेवालीपरिचारिकाओंकेलिएभीखरीदारीकीजारहीहै।

------------इसदिननएयाफिरसाफ-सुथरेकपड़ेपहनेजातेहैं।नएकपड़ेपहनकरहीदेवीकीआराधनाकरेंगे।इसलिएइससमयपरिवारकेसाथघरोंमेंकामकरनेवालीपरिचारिकाओंकेलिएभीखरीदारीकीजारहीहै।