दोगुना मेहनत कर 'घर' में कमा रहे चौगुना

अशोकत्रिवेदी,औरैया:जिदगीमेंहालातहमेशाबदलतेरहतेहैं।वहकबकैसेहों,यहमायनेनहींरखते।इनकोपारकरनेकीआपकीतरकीबमहत्वपूर्णहै।ऐसेसमयमेंसूझबूझ-आत्मनिर्णयकीक्षमताहीहमारीअसलीताकतहोतीहै।जोहमारामनोबलबढ़ातीहैऔरहमारीमुश्किलराहकोआसानकरदेतीहै।यहबिधूनाब्लाककेरुरुखुर्दनिवासीनौजवानविकासकुमारसेसीखसकतेहैं।25वर्षीयविकासकीशिक्षाइंटरमीडिएटतकहीहै,लेकिनहुनरकमालकाहै।दोसालडेयरीमेंकर्मचारीरहनेकेबादअबअपनीडेयरीकामालिकहै।परदेसमेंरहकरजितनाकमातेथे,घरमेंरहकरउससेचौगुनाकमानेकेसाथकईपरिवारकोरोजगारदेरहेहैं।

कोरोनाकीपहलीलहरमेंविकासकुमारनेस्वरोजगारवआत्मनिर्भरबननेकीनींवरखीथी।सहीसमयपरलियागयानिर्णयआजविकासकेसपनोंकोसाकारकररहाहै।तीनसालपहलेविकासदोस्तोंकेसाथजयपुरचलेगएथे।वहांडेयरीउद्योगमेंकामकरकेकामकरनेलगे।तबउन्हेंदसहजाररुपयेमिलतेथे।खोया,पनीर,दही,घी,छाछकोमशीनोंसेबनानाऔरपैकिगकरनासीखलिया।जयपुररहकरज्यादातोनहींकमासकेलेकिनहुनर-अनुभवदोनोंहीकमालिया।जोउनकेसपनोंकोसाकारकररहेहैं।दोमाहखाद्यप्रसंस्करणकाप्रशिक्षणप्राप्तकरप्रमाणपत्रहासिलकिया।डेयरीलगानेकीयोजनामेंडेढ़दोलाखरुपयेजुटाए।मशीनेंमंगाकरकामशुरूकिया।गांवकेदूधियोंसेदूधलेकरउत्पादबनानाशुरूकिया।कोरोनाकीदूसरीलहरमेंहौसलोंकोउड़ानमिली।वहएकक्विटलदूधकापनीर,घी,दहीआदिबनाकरबिक्रीकरदेतेहैं।रोजाना10किलोघी,50किग्रापनीरकीखपतहै।इससमयबाजारधीमाहै।धीरे-धीरेसामान्यहोनेपरकारोबारऔरभीबढ़जाएगा।अभीकरीब60हजाररुपयेप्रतिमाहकमालेतेहैं।

एकजिलाएकउत्पादमेंघीकोदेंगेबढ़ावा

विकासकाकहनाहैकिदुग्धकारोबारमेंवहअपनेजिलेकेउत्पादघीकोबढ़ावादेंगे।खाद्यप्रसंस्करणकेजिलाप्रभारीराजीवशुक्लनेबतायाकिसरकारीअनुदानएकलाखरुपयेविकासकोदिलायाजाचुकाहै।कारोबारकोआगेबढ़ानेमेंविकासकीपूरीमददकीजाएगी।