दो साल में ट्रेन से कटकर 30 मौतें, 12 की शिनाख्त नहीं

सीतामढ़ी।रेलकासफरजितनासुरक्षितवसुगमहैउतनाहीअसुरक्षितऔरमुश्किलभी।सालभरमें11लोगोंकीजानट्रेनकीचपेटमेंआनेसेचलीगई।वर्ष2018मेंसीतामढ़ीराजकीयरेलपुलिसकेक्षेत्राधिकारमेंरेलकीचपेटमेंआनेसे18लोगोंनेजानगंवाई।इनमें11व्यक्तियोंकीशिनाख्तहोपाई।सातशवोंकेबारेमेंकोईजानकारीहाथनहींलगपाई।इससाल28दिसंबरतककुल12लोगोंकीमौतहोनेकीसूचनाहै।इनमेंसातकीपहचानहुईऔरशवोंकोपोस्टमार्टमकेबादउनकेस्वजनकोसीपूर्दभीकरदिएगए।मगरपांचइसबारभीअज्ञातहीरहे।अधिकतरयेमौतेंअसावधानीकेकारणहुईं।स्टेशनपरप्लेटफॉर्मसेलेकरट्रेनोंमेंचढ़नेकीआपाधापीकेदौरानअक्सरयात्रीदुर्घटनाकेशिकारहोतेहैं।गांव-देहातमेंरेललाइनपारकरतेहुएभीकईमौतेंहोतीहैं।

वर्ष2018मेंट्रेनकीचपेटमेंआनेसेहुईमौतें:-

इंद्रावतीदेवी,14अप्रैल,अभिषेककुमार,18अप्रैल,नसीमउर्फभोलू,10जुलाई,मनीषकुमार,27जुलाई,रामश्रेष्ठराय,29जुलाई,संतोषराय,22अगस्त,रामतिजारतसिंह,29सितंबर,जाबिरमिया,2अक्टूबर,विनोदमंडल02अक्टूबर,मोकासीम23नवंबर,त्रिवेणीठाकुर,27नवंबर।वर्ष2019मेंट्रेनकीचपेटमेंआनेसेहुईमौतें:-

रामप्रतापमहतो,15फरवरी,शैलेन्द्रप्रसाद,27फरवरी,मनोरमादेवी,15अप्रैल,शंभूराय,24अप्रैल,सवैबअंसारी,8सितंबर,राधाकृष्णसिंह,15सितंबर,हदिशनखातून,5नवंबर।कोट

रेलसेहुईदुर्घटनामेंमौतपरपीड़ितपरिवारकोमुआवजामिलतीहै।पहले4लाखरुपयेमिलतेथेजोअबबढ़कर8लाखहोचुकेहैं।येमुआवजारेलवेअपनेउसयात्रीकोउपलब्धकरातीहै,जोरेलवेकेबोनाफाइडपैसेंजरहोतेहैं।यानीजिसयात्रीकेपासयात्राटिकटहोतीहै।

रेलथानाध्यक्ष