दो फर्लांग की दूरी, ग्रामीणों की बनी मजबूरी

संवादसहयोगी,नरैनी:क्षेत्रकानीबीगांवजोप्रशासनिकदेखरेखकेरूपमेंकमिश्नरकागोदलियाहुआगांवहैलेकिनयहांभीसुविधाओंकेलिएलोगतरसरहेहैं।सबसेबड़ीसमस्याआवागमनकीहै।दोफर्लांगकीएकऐसीदूरीजोग्रामीणोंकेलिएमजबूरीबनगईहै।इसखालीहिस्सेमेंआजतकसड़कनहींबनपायीजिसकाखामियाजालोगोंकोसमस्याकेरूपमेंभुगतनापड़रहाहै।

नरैनीक्षेत्रकेगांवनीबीकोवर्ष2015-16मेंतत्कालीनकमिश्नरकल्पनाअवस्थीद्वारागोदलियागयाथा।गांवमेंस्वास्थ्यकेंद्र,दोप्राथमिकवएकजूनियरविद्यालयहैं।आंगनबाड़ीभवननहोनेसेयहप्राथमिकविद्यालयमेंसंचालितहोरहाहै।गांवतकपहुंचनेकेलिएबनायीगईसड़कदोफर्लांगतकअधूरीपड़ीहै।जिससेलोगोंकोआवागमनमेंखासीदिक्कतेंउठानीपड़तीहैं।बारिशकेदिनोंमेंसमस्याऔरजटिलहोजातीहै।गांवकेनरेंद्रकुमार,जयकुमार,रमेंद्र,मुनींद्रगौतमकाकहनाहैकिआंकड़ेकुछभीबोलरहेहोंलेकिनसत्यतायहहैकिछोटापालकेपुरवाकेबादसड़कहीनहींबनी।बगलसेढाईसौबीघेकाबंधाबनाहै।जिसकेकिनारे-किनारेपगडंडियोंसेहोकरबांधतकपहुंचतेहैं।बरसातमेंपानीभरजानेसेयहरास्ताभीबंदहोजाताहै।पासमेंनदीहोनेकेकारणकईगांवकाचक्करलगाकरअतिरक्त10किमी.दूरीतयकरलोगनीबीगांवतकपहुंचतेहैं।हालतयहहोजातीहैकिपासकेपुरवाकेबच्चेस्कूलतकनहींपहुंचपातेऔरउससमयकोईबीमारपड़गयातोउसेचारपाईमेंबैठाकरइलाजकेलिएबाहरलेजानापड़ताहै।ग्रामप्रधानराममिलननेबतायाकिकाश्तकारोंकीजमीनकापट्टाहोनेकीवजहसेसड़कनहींबनपायी।तबसेविवादितहै।कईबारअधिकारीआएऔरनापहुईलेकिनबातनहींबनपायी।