दिव्यांगों व वृद्धों के जीवन को खुशहाल बनाने में जुटी हैं नूरी बेगम

जागरणसंवाददाता,मधेपुरा:बुनियादकेंद्रकेजिलाप्रबंधकपदपरकार्यरतनूरीबेगमदिव्यांगोंववृद्धजनोंकेजीवनकोखुशहालबनानेकीदिशामेंजुटीहुईहैं।उनकीपहलसेहजारोंकीसंख्यामेंजिलेकेदिव्यांग,वृद्धजनवविधवामहिलाओंकोनयाजीवनमिलाहै।बुनियादकेंद्रकीपहलपरहजारोंकीसंख्यामेंशारीरिकरूपसेदुर्बललोगोंइलाजकेसाथभावनात्मकरूपसेपरामर्शभीकियाजारहाहै।इसवजहसेबड़ीसंख्यामेंदिव्यांगवविधवामहिलाएंअपनेपांवपरखड़ीहोचुकीहैं।दिव्यांग,वृद्धजनऔरविधवामहिलाओंकोजीवनमेंबदलावलानेवालीबुनियादकेंद्रकीजिलाप्रबंधकबतातीहैंकिछात्रजीवनसेलोगोंकोमददकरतीरहीहैं।यहीवजहहैनौकरीमेंआनेबादभीवहअपनेसेलोगोंकीसमस्याओंकोदूरकरनेकीदिशामेंदिलचस्पीरखतीहैं।इसवजहबुनियादकेंद्रआनेवालेलोगोंपरसकारात्मकप्रभावपड़ताहै।वहबतातीहैंकिवर्ष2010मेंएएमयूसेकाउंसलिगसाइकोलाजीमेंएमएकरनेकेबाद2011मेंदिल्लीमेंजामियाविविपढ़ाईकी।वहांकोर्सपूराहोनेकेबादनिजीस्वयंसेवीसंस्थासेजुड़करदिल्लीमेंपांचवर्षतकबेसहाराबच्चोंकोनयाजीवनप्रदानकरनेकीदिशामेंकामकिया।यहांउन्होंनेबच्चोंकोस्कूलसेजोड़ा।बेसहाराबच्चोंकीकाउंसलिगकरकैरियरकोआगेबढ़ानेमेंमददकी।2018से19केमार्चतकसदरहास्पिटलपूर्णियामेंमनोवैज्ञानिककेपदपरकार्यरतरहीं।2019मेंजूनसेमधेपुराकेबुनियादकेंद्रमेंजिलाप्रबंधकपदकार्यरतहैं।वहबतातीहैंकिदिल्लीमेंस्वयंसेवीसंस्थामेंकार्यकरनेकेदौरानसामाजिककेक्षेत्रमेंकामकरनेकीप्रेरणामिली।

वृद्धजनोंकेलिएबनायावरिष्ठनागरिकसंघ

वृद्धजनोंकीशारीरिकसमस्याकोदूरकरनेकीदिशामेंपहलकरनेकेसाथहीउनकामनोवैज्ञानिकपरामर्शभीजिलाबुनियादकेंद्रमेंकियाजाताहै।वृद्धजनोंकेलिएबुनियादकेंद्रकीपहलपरवरिष्ठनागरिकसंघभीबनायागयाहै।इससंघकीजम्मेदारीभीवृद्धजनोंकोदीगईहै।समय-समयपरवरिष्ठनागरिकसंघकीबैठकभीहोतीहै।संघसेजुड़ेवृद्धजनअपनीसमस्याभीइसमेंरखतेहैं।इसकोदूरकरनेकीकोशिशकीजातीहै।खासकरघरेलूहिसासेजुड़ीसमस्याओंकोदूरकरनेकीभीपहलहोतीहै।

मानसिकरूपसेबनायाजातामजबूतदिव्यांगजन,वृद्धजनवविधवामहिलाओंकोजीवनकोसंवारनेमेंजुटींनूरीबेगमबतातीहैंकिशारीरिकदुर्बलताकीवजहसेबड़ीसंख्यामेंलोगअवसादमेंचलेजातेहैं।ऐसेमेंयहांआनेवालेलोगोंकोमानसिकरूपसेमजबूतबनानेकेलिएकाउंसलिगकीजातीहै,जिससेजीवनमेंवेआगेबढ़सकें।वहबतातीहैंकिकाउंसलिगकेबादबड़ीसंख्यामेंविधवामहिलावदिव्यांगजनकोनयाजीवनमिलाहै।वेजिदगीमेंआत्मनिर्भरहोकरकामकररहेंहैं।नूरीबेगमनेबतायाकिबुनियादकेंद्रकीपहलकीवजहसे5456लोगोंकेजीवनबदलावआचुकाहै।