दिव्यांग है लेकिन नहीं थमते ज्योति के पैर, डांस से हजारों युवाओं को किया प्रेरित

मुंबई,जेएनएन।हौसलोंकेआगेबड़ीसेबड़ीचट्टानभीचकनाचूरहोजातीहै।इसकेतमामउदाहरणआएदिनदेखनेकोमिलजातेहैं।ऐसाहीउदाहरणमुंबईकीरहनेवाली29वर्षीयज्योतिमस्तेकरनेपेशकियाहै।दिव्यांगज्योतिमस्तेकरकेपैरमेंजबघुंघरेबंधजातेहैंऔरकानोंमेंढोलकऔरम्यूजिककीधुनसुनाईदेतीहैतोउसकेपैरथमनेकानामनहींलेते।ज्योतिमस्तेकरनेअपनीइसीडांसप्रतिभासेहजारोंयुवाओंकोप्रेरितकियाहै,जोअपनेदमपरकुछभीकरसकतेहैं।

ज्योतिमस्तेकरएकबारफिरनारायणसेवासंस्थानद्वारामुंबईमें10नंवबरकोकराएजानेवाले14वेंदिव्यांगटैलेंटशोकाहिस्साहोंगी।इसदौरानज्योतिब्लॉकबस्टरनृत्यप्रदर्शनकरेंगी।देशभरकेहजारोंयुवाओंकेलिएआजप्रेरणाबनचुकींज्योतिमस्तेकरमुंबईकीतंगबस्तीकेगलियारोंमेंपली-बढ़ीहैं।ज्योतिमस्तेकरचव्हाणकाएकहाथदूसरेसेहाथसेकाफीछोटाहै,बावजूदइसकेज्योतिकेअंदरनृत्यकेलिएउत्साहबेशुमारहै,जिसकेबलबूतेवेऊंचाईंयाछूरहीहैं।

जबज्योतिकालगासदमा

ज्योतिमस्तेकरनेस्कूलकेसमयसेहीनृत्यकलासीखीऔरकार्यक्रमोंमेंभागलेनाशुरूकरदियाथा।समयबदलतागयाज्योतिमस्तेकरअपनीइशप्रतिभाकीऔरधनीहोतीगईं।उम्रकीदहलीजलांघतेहुएऔरदिव्यांगवालेटैगकीबेड़ियोंकोतोड़करज्योतिमस्तेकरनेअपनीनृत्यकलामेंनिपुणताहासिलकी।हालांकि,ज्योतिकोउससमयसबसेबड़ाधक्कालगाजबउसकेपिताइसीसालकीशुरुआतमेंइसदुनियाकोछोड़करचलेगए।

ज्योतिबतातीहैंउनकेपिताउनकेनृत्यकेलिएप्रेरणास्त्रोतथे।ज्योतिमस्तेकरकेअंदरआत्मविश्वासऔरउत्साहबनाएरखनेकेलिएवेज्यादातरज्योतिकेसाथरहतेथे।पिताघरकाभरणपोषणकरतेथे,लेकिनउनकेनिधनकेबादघरकीजरूरतोंकोपूराकरनेकेलिएउनकीमांनेलोगोंकेघरजा-जाकरकामकरनाशुरूकरदिया।आजभीज्योतिआर्थिक-तंगीसेजूझरहीहैं।हालांकि,ज्योतिशादीशुदाहैंऔरएक4सालकेबेटेविहानकीमाँभीहैं।

मेहनतसेसाधनाहैलक्ष्यपरनिशाना

अपनेपरिवारकोसुखदऔरसंवारनेकेलिएज्योतिमस्तेकरअपनेलक्ष्यकेप्रतिमेहनतकेसाथलगीहुईहैं।नृत्यजैसीकलाकेप्रतिलोगोंकीरूढ़िवादीसोचहोनेकेकारणशादीकेबादज्योतिमस्तेकरकोकाफीकुछसुननापड़ा,लेकिनइनबातोंकोज्योतिनेनज़रअंदाजकरदियाऔरअपनेलक्ष्यपरनिशानाबनाएरखा।ज्योतिनेअलग-अलगदिव्यांगनृत्यसमूहोंकेसाथपरफॉर्मेंसकियातोवहींलावणीजैसे(मराठीलोकनृत्य)नृत्योंसेअपनाहुनरदिखाया।इसकेअलावावहबॉलीवुड,फ्रीस्टाइलऔरअन्यनृत्यरूपोंकाभीप्रदर्शनकरतीहैं।

इसबातकोलेकरनारायणसेवासंस्थानकेअध्यक्षप्रशांतअग्रवालनेबतायाकिजबवेपहलीबारज्योतिसेमिलेथेतोउनकीबेबाकीऔरकुछकरदिखानेकेजज्बेकोदेखकरवेहैरानरहगएथे।उसकीबातोंसेऔरउसकेकामसेएकपलभीनहींनहींलगाकिज्योतिकिसीभीरूपसेकमजोरहैयामजबूरहै।प्रशांतअग्रवालनेकहाहै,"ज्योतिमस्तेकरकीवजहसेहमदिव्यांगटैलेंटशोकेजरिएकईसारीजिंदगियोंमेंज्योतिलानाचाहतेहैंऔरउनकेसाथकदमसेकदममिलाकरआगेबढ़नाचाहतेहैं।"