दिल्ली के निजी अस्पताल ने कोविड से उबरे मरीजों में तंत्रिका तंत्र संबंधी मामले बढ़ने की जानकारी दी

नयीदिल्ली,24जुलाई(भाषा)दिल्लीमेंएकप्रमुखनिजीअस्पतालनेशनिवारकोकहाकिउसनेकोविडसेस्वस्थहोनेवालेमरीजोंमेंतंत्रिकातंत्रसंबंधीसमस्याओंमेंबढ़ोतरीदेखीहै,जिनमेंमस्तिष्कमेंरक्तस्राव(ब्रेनहैमरेज)केआपातकालीनमामलेभीशामिलहैं।मूलचंदअस्पतालनेएकबयानमेंबतायाकिबहिर्रोगीविभाग(ओपीडी)में60प्रतिशततकमरीजोंमेंथकान,अवसाद,आत्मघातीविचार,अकेलेपनकीभावनाजैसीमानसिकस्वास्थ्यसमस्याएंबढ़तीदिखरहीहैंऔरइनमेंसेअधिकतरकोविडसेउबरचुकेमरीजहैं।अस्पतालकेचिकित्सकोंनेकहाकिकोविडसेस्वस्थहोनेवालेमरीजोंमेंयहांतंत्रिकातंत्र(न्यूरोलॉजिकल)संबंधीसमस्याओंकीपरेशानकरनेवालीबढ़तीसंख्यादेखनेकोमिलरहीहै।इसनेकहाकिमूलचंदअस्पताल“इंट्रासेरेब्रल(ब्रेन)हैमरेजकेबढ़तेमामलोंकोदर्जकररहाहै,औरतंत्रिकाविज्ञानविभागका50प्रतिशतऐसेमामलोंसेभराहुआहै।”चिकित्सकोंनेयहभीकहाकिजोलोगवैश्विकमहामारीमेंबचगएऔरजोलोगकोरोनावायरसकेसंक्रमणकीचपेटमेंआएथे,वेकईहफ्तोंबादसिरदर्द,चक्करआना,थकान,संज्ञानात्मकसमस्याओं,याददाश्तकीसमस्या,चिंता,अवसाद,स्ट्रोक,दर्दऔरनींदसंबंधीविकारकेलक्षणोंकेसाथबड़ीसंख्यामेंअस्पतालआरहेहैं।उन्होंनेबतायाकिओपीडीमें,60प्रतिशततकमरीजसिरदर्द,थकान,अवसाद,आत्महत्याकेविचार,अकेलेपनकीभावनाआदिसमस्याओंकेसाथआरहेहैं।मूलचंदअस्पतालमेंवरिष्ठन्यूरोसर्जनडॉआशाबख्शीनेकहा,“इनमेंसेज्यादातरमामलेवोहैंजिन्हेंपूर्वमेंकोविडहुआथा,दोयातीनमहीनेकेअंतरालपर।”उन्होंनेकहा,“ऐसीसमस्याएंउनकेनिजीएवंपेशेवरजीवनकोबुरीतरहप्रभावितकररहेहैं।कईनेशिकायतकीकिवेकामकेदौरानध्यानकेंद्रितकरपानेमेंबहुतकठिनाईमहसूसकररहेहैं।लोगकामऔरनिजीजिंदगीमेंतालमेलबिठापानेमेंभीसंघर्षकररहेहैं।”बख्शीनेकहाकिमहामारीनकेवलफेफड़ोंसेजुड़ीतीव्रसूजनसंबंधीबीमारीकाकारणबनाहै,बल्किइसनेलंबेवक्ततकरहनेवालीकुछदीर्घकालिकमस्तिष्कसंबंधीसमस्याएंभीपैदाकीहैं।