दिल्ली का बिग बॉस कौन? नहीं थमा टकराव, अधिकारों को लेकर बंटे सुप्रीम कोर्ट के जज

नईदिल्ली[मालादीक्षित]।दिल्लीकाबिगबॉसकौन?इसपरसुप्रीमकोर्टमेंसुनवाईचलरहीहै।दोजजोंकीबेंचदिल्लीसरकारकोअधिकारोंकोलेकरफैसलासुनारहीहै।यहअलगबातहैकि दिल्लीसरकारबनामउपराज्यपालमामलेमेंसुप्रीमकोर्टके2जजोंकीअलग-अलगरायसामनेआईहै।

अपनेफैसलेमेंजस्टिससीकरीनेकहाहैकिआइएएसअधिकारियोंकीपोस्टिंगऔरट्रांसफरकाअधिकारउपराज्यपालकोदियाजाएजबकिदानिक्स(दिल्लीअंडमानएंडनिकोबार,आइसलैंडसिविलसर्विस)केअधिकारदिल्लीसरकारकेपासरहें।अगरकोईमतभेदहोताहैतोराष्ट्रपतिकेपासमामलाभेजाजाए।वहीं,दूसरेजस्टिस अशोकभूषणनेकहाकिपूरेसर्विसकेमामलोंमेंकेंद्रसरकारकोअधिकारहै।

वहीं,जस्टिससीकरीनेअपनेफैसलेमेंयहभीकहाकि चुनीहुईदिल्लीकीसरकारकमीशनऑफइन्क्वायरीगठितनहींकरसकतीहै।एकतरहसेदिल्लीसरकारकोराहतमिलीहैकिजमीनोंकासर्किलसीएमऑफिसकेकंट्रोलमेंहोगा।वहींदिल्लीसरकारकोइसफैसलेसेझटकालगाहैकिएंटीकरप्शनब्रांच (ACB)काअधिकारकेंद्रसरकार(गृहमंत्रालय)कोदियागयाहै,क्योंकिपुलिसबलकेंद्रकेनियंत्रणक्षेत्रमेंहै।

फैसलेकेअहमबिंदु

वहीं,सुप्रीमकोर्टकाफैसलापक्षमेंनहींआनेपरआमआदमीपार्टी(AAP)सरकारकोझटकालगाहै।AAP केमुख्यप्रवक्तासौरभभारद्वाजनेकहाकिदिल्लीकीजनताकेलिएदुखकीबातहै।हमेंउम्मीदथीकिकोर्टकाफैसलाआएगा।अधिकारियोंकीनियुक्तिऔरतबादलेकाअधिकारमिलेगा।सरकारजनताकेकार्यबेहतरतरीकेसेकरासकेगी।

इससेपहलेसुप्रीमकोर्टनेएकनवंबर,2018कोदिल्लीहाईकोर्टकेफैसलेकेखिलाफकेजरीवालसरकारकीयाचिकाओंपरसुनवाईकेबादफैसलासुरक्षितरखलियाथा।

वैसेतोकेंद्रऔरदिल्लीसरकारकेसंवैधानिकअधिकारोंकीव्याख्यांपरसुप्रीमकोर्टकीसंविधानपीठगत4जुलाईकोफैसलासुनाचुकीहै।उसफैसलेमेंकोर्टनेचुनीहुईसरकारकोप्राथमिकतादीथी।कोर्टनेकहाथाकिउपराज्यपालमंत्रिमंडलकीसलाहसेकामकरेंगे।मतांतरहोनेपरवेमामलेकोफैसलेकेलिएराष्ट्रपतिकोभेजसकतेहैं।लेकिनस्वतंत्ररूपसेकोईनिर्णयनहींलेसकते।वहदिल्लीकेप्रशासनिकमुखियाजरूरहैंलेकिनउनकेअधिकारसीमितहैं।संविधानपीठकेफैसलेकेबाददिल्लीकीआपसरकारकोकईमामलोंमेंनिर्णयलेनेकीछूटमिलगईथी।

लेकिनट्रांसफरपोस्टिंगआदिसेजुड़ेसर्विसकेमामलोंपरअभीफैसलाहोनाहै।केंद्रसरकारने21मई,2015कोअधिसूचनाजारीकरपब्लिकआर्डर,पुलिसऔरभूमिकेअलावासर्विसमामलोंकाक्षेत्राधिकारभीउपराज्यपालकोसौंपदियाथा,जिसकेखिलाफदिल्लीसरकारकीअपीलसुप्रीमकोर्टमेंलंबितहै।एसीबीमेंदिल्लीसरकारकेअधिकारोंमेंकटौतीवालीकेंद्रकी23जुलाई,2015कीअधिसूचनाकोचुनौतीदेनेवालीअपीलभीलंबितहै।

हाईकोर्टनेदोनोंहीमामलोंमेंदिल्लीसरकारकीयाचिकाएंखारिजकरदींथीं।इसकेअलावादिल्लीसरकारकीसातऔरअपीलअभीलंबितहैंजिनमेंतीनमामलेकमिशनऑफइन्क्वायरीकेहैंऔरएकसीएनजीसेजुड़ाहै।दिल्लीसरकारकीअपीलपरजस्टिसएकेसीकरीऔरजस्टिसअशोकभूषणकीपीठनेविस्तृतसुनवाईकेबादअपनाफैसलासुरक्षितरखलियाथा।इसमहीनेकीसाततारीखकोदिल्लीसरकारनेअदालतसेजल्दफैसलासुनानेकाअनुरोधकियाथा।

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