दिघनपाल मंदिर सरा तमाकरणी में लगा भंडारा

संवादसूत्र,साहो:दिघनपालमंदिरसरातमाकरणीमेंरविवारकोजागरणमेंसैकड़ोंलोगोंनेदिघुकेगुरोंसेआशीर्वादलियातथालंगरमेंप्रसादग्रहणकिया।यहमंदिरसंतानप्राप्तिवालेलोगोंकेलिएप्रसिद्धहैतथायहांपरहरवर्षसैकड़ोंकीतादातमेंश्रद्धालुमाथाटेकनेआतेहैं।मनोकामनापूर्णहोनेपरयहांपरभंडारेकाजगराताकाआयोजनकरतेहैं,जिनलोगोंकेघरसंताननहींहोतीहै,वेलोगदूर-दूरसेयहांपरआतेहैं।

चंपावतीमंदिरमेंकियाबीजमंत्रोंकासामूहिकपाठ

संवादसहयोगी,चंबा:जिलामुख्यालयस्थितचंपावतीमंदिरमेंरविवारकोदिव्यबीजमंत्रोंकासामूहिकपाठकियागया।सत्संगकेसंयोजकजसवंतठाकुरनेकहाकियेदिव्यबीजमंत्रकुमारस्वामीद्वाराप्रदानकिएगएहैं।दिव्यबीजमंत्रोंकीशक्तिसाराविश्वजानताहै।संसारकीकोईभीनाशवानवस्तुनतोप्रेमकरसकतीहैऔरनहीउसवस्तुसेप्रेमकियाजासकताहै।जबमनुष्यकेप्रेमकापात्रहरसमयमृत्युकेमुखमेंहैऔरउसकीआयुवृद्धिकेसाथसाथभीउसकेमनमेंभीपरिवर्तनहोरहाहैतोसंसारमेंशाश्वतप्रेमप्राप्तकरनेकीआशानहींकीजासकती।हमहमेशाबार-बारगलतीकरतेरहतेहैं।जबएकवस्तुहमारीमुट्ठीसेनिकलजातीहैतोहमदूसरीवस्तुकोपकड़लेतेहैं।एकदिनहमेंप्रकाशदिखाईदेताहै।फिरहमपरमात्माकेपासपहुंचजातेहैंजोएकमात्रप्रेमीहै।उसकेप्रेममेंकोईविकारनहींहोता।उसकेप्रेममेंसदाअपनेमेंलीनकरनेकोप्रस्तुतरहताहै।