Dhanbad Picnic Spot : नववर्ष पर धार्मिक व रमणीक स्थल में उठाएं पिकनिक का आनंद, ये स्थान रहेंगे बेस्ट

राहुलमिश्रा,चासनाला:झारखंडकेगिनेचुनेऐतिहासिकधार्मिकस्थलोंमेंसेएकभोजूडीहस्थितभैरवस्थानभीहै।जहांआपनववर्षपरअपनेपरिवारवमित्रोंसंगधार्मिकवरमणीकस्थलकेसाथपिकनिककाआनंदभीउठासकतेहैं।इजरीनदीकेतटसमीपभैरवस्थानअपनेआपमेंइसकदरकाइतिहासवपुरातत्वकोसमेटेहुएहै।जहांएकहीस्थलपरआध्यात्मिक,शाश्कत्ता,पुरातनतावऐतिहासिकपरंपराकीअनुभूतिहोतीहै।यहांपूजाअर्चनाकेलिएदूरदराजसेश्रद्धालुआतेहैं।

लोगोंकामाननाहैकिजोभीसच्चेदिलसेयहांमन्नतेंमांगताहैवहपूराहोताहै।पूर्वमेंयहमानभूमजिलेमेंथा।इसस्थानकोकुंतीवर्जितभूमिभीकहागयाहै।जहांकाशीपुरराजाकाराजथा।महाभारतकेपांडवोंनेअज्ञातवासकेसमयपरपांडवमाताकुंतीएवंपांचोंभाइयोंकेसाथयहांठहरेहुएथे।वर्ष1872मेंचंदनक्यारीक्षेत्रकेपुरातात्विकअन्वेषणकेक्रममेंभारतीयपुरातत्वसर्वेक्षणकेमहानिदेशकलेफ्टिनेंटजनरलएलेक्जेंडरकनिंघमकेभेजेगएसर्वेक्षकजेडीबेगलरनेचंदनक्यारीकेआसपासकेक्षेत्रोंकेऐतिहासिकवपुरातात्विकमहत्ताकीचर्चाअपनेप्रतिवेदनमेंकियाहै।भैरवस्थानकेपवित्रमंदिरमेंरखीगईदेवी-देवताओंकीकालेसिस्टकीबनीप्रतिमाओंकेतिथिनिर्धारणपुरातत्वविदोंनेनिर्माणशैलीकेआधारपरआठवींसेबारहवींसदीकेबीचबतायाहै।जबकिइसकीप्राचीनतावमूलतिथिऔरभीपुरानीहोसकतीहै।

भैरवस्थानमेंधनत्कारीकुंडहै।मान्यताहैकिमहाभारतकालमेंजबपांडवोंकाअज्ञातवासहुआ,तोवोयहांठहरेथे।तबपानीकीउपलब्धताकेलिएअर्जुननेधरतीपरअपनीबाणमारकरइसकुंडकाजन्मदियाथा।इतिहासचाहेजोभीहोपरयहतथ्यआश्चर्यजनकहैइसपवित्रकुंडकाशीतलजलमेंऔषधीयगुणभीहै।कुंडमेंसालोभरएकसमानजलरहताहै।गंगाजलकीतरहइसकुंडकाजलभीकभीखराबनहींहोताहै।आजीवनस्वस्थ्यवविभिन्नबीमारियोंसेपीड़ितलोगस्वास्थ्यलाभकेलिएइसेपीतेहैं।कुंडकेबीचमेंदोचक्रकारपत्थरकेगोलेरखेहैं।जिसकेबारेमेंलोगकहतेहैंकिशिवरात्रिकोयहघूमतेभीहैं।कुंडसेनिकलताजलसमीपकेइजरीनदीमेंमिलजातीहै।सालोंभरयहांधार्मिकपर्यटकोकाआनाजानालगारहताहै।जोक्षेत्रकाप्रमुखधार्मिकपर्यटनस्थलकेरूपमेंभीलोकप्रियहोरहाहै।पूर्वप्रदेशकेभूराजस्वमंत्रीअमरबाउरीनेयहांभैरवमहोत्सवकीशुरुआतकीथी।जहांदेशकेकईजानेमानेकलाकारभीपहुंचेथे।

ऐसेपहुंचेयहां:बोकारोजिलाकेचंदनक्यारीप्रखंडमुख्यालयसेकरीब10किलोमीटरकीदूरीपरपूरबदिशामेंभोजूडीहमेंभैरवस्थानअवस्थितहै।वहींझरियाप्रखंडमुख्यालयसेकरीब18किलोमीटरकीदूरीपरहै।यहांआपअपनेवाहनसेमानपुरकेरास्तेआसानीसेपहुंचसकतेहैं।जबकिसुदामडीहरिवरसाइडस्थितबिरसानदीपरबनीनईपुलसेमहजपांचकिलोमीटरदूरमंदिरपरबाइकसेजासकतेहैं।

छहपीढ़ियोंसेभैरवनाथकीपूजाअर्चनावसेवाकररहेहैं।यहांभैरवनाथ,महालक्ष्मी,महाकाली,छिन्मस्तिकाआदिदेवीदेवताओंकीपूजावैष्णवरीतिरिवाजसेहोतीहै।यहांप्रसाद,पुष्प,नारियलवधूपदीपचढ़ायाजाताहै।यहांकाकुंडद्वापरगंगाहै।

पुजारी,भैरवनाथमंदिर