देश का संविधान भी खतरे में

शिवहर।केंद्रकीजुमलेबाजसरकारकेक्रियाकलापोंसेसरदारपटेलवबाबासाहेबकासंविधानखतरेमेंहै।जबकिदेशवप्रदेशकेकिसानएवंमजदूरबदहालहोगएहैं।उक्तबातेंआजस्थानीयबाजारपरजनतांत्रिकलोकहितपार्टीकेराष्ट्रीयअध्यक्षसहपूर्वविधायकसतीशकुमारनेकार्यकर्तासम्मेलनकोसंबोधितकरतेहुएकही।कहाकिदेशमेंरोजगारकासृजनबंदहोगयाहै।4.12लाखचतुर्थएंवतृतीयश्रेणीकेपदसमाप्तकरदिएगएहैं।दूसरीओरनियोजननियमावलीमेंरोज-रोजपरिवर्तनकरयुवाओंकोबदहवासकियाजारहाहै।साथहीदेशकेनौजवानोंकोछद्मराष्ट्रवादकीजहरपिलाईजारहीहै।वहींआजादीके70वेंसालमेंदेशकेकिसानबदहालहोकरअबआत्महत्याकोमजबूरहैं।सम्मेलनकोसंबोधितकरनेवालोंमेंपार्टीकेराष्ट्रीयउपाध्यक्षअरूणकुमारसिन्हा,महासचिवसत्यप्रकाशनारायणवसीतामढ़ीजिलाध्यक्षदीपकपटेलनेभीकेंद्रवराज्यसरकारपरबढ़तीबेरोजगारीएवंशिक्षापरछायेसंकटकोलेकरनिशानासाधा।कार्यक्रमकीअध्यक्षताधर्मेन्द्रकुमारपटेलनेकी।मौकेपरदेवनगुप्ता,सरोजपटेल,अनंतकुमार,बेबीकुमारी,रविशंकरकुमार,राजनतिवारी,प्रमोदकुमार,मंजूदेवी,धुव्रराउत,विक्कीकुमारवराजेशपटेलसहितअन्यलोगमौजूदथे।