डॉक्‍टर जा सकते हैं हड़ताल पर, सरकार से ठनी, जानिए क्‍या है कारण

हल्द्वानी,जेएनएन:सरकारीवनिजीअस्पतालोंकेडॉक्टरसरकारसेनाराजहैं।इससमयदोनोंकीभौंहेंतनगईहैं।सरकारहैकिइनविषयोंपरध्यानदेतीनजरनहींआरहीहै।जबकि,इंडियनमेडिकलएसोसिएशनसेलेकरप्रांतीयचिकित्सासेवासंघनेअलग-अलगमांगोंकोलेकर25दिसंबरसेआंदोलनतेजकरनेकीचेतावनीभीदेदीहै।अगरदोनोंडॉक्टरबहिष्कारकरतेहैंतोप्रदेशमेंलाखोंमरीजपरेशानहोजाएंगे।

सीईसीपरहाईकोर्टकीसख्तीसेचिंतितआइएमएराज्यकेनिजीअस्पतालोंवक्लीनिकोंसेजुड़ेडॉक्टरोंमेंसरकारकेखिलाफगुस्साहै।वेक्लीनिकलइस्टेब्लिशमेंटएक्ट(सीईसी)कोलेकरहाईकोर्टकेआदेशसेडरेहैं।एक्टकापालननहींकरनेवालेअस्पतालोंकोसीलकरनेकेआदेशहैं।ऐसेमेंइंडियनमेडिकलएसोसिएशननेसरकारसेकईबारसीईसीमेंसंशोधनकरनेकाअनुरोधकरलियाहै।बकायदाउत्तराखंडहेल्थकेयरएक्टकोलागूकरनेकीमांगकीजारहीहै,लेकिनसरकारइनकीबातकोअनसुनाकरनेमेंलगीहै।इसलिएआइएमएनेअबखुलकरआंदोलनकीरणनीतितयकरलीहै।प्रदेशस्तरपर25दिसंबरसेखुदहीअस्पतालोंकोबंदकरनेकीभीचेतावनीदेदीहै।

सीईसीमेंपंजीकरणकीप्रक्रियाबेहदधीमी

उत्तराखंडसरकारने2015मेंसीईसीलागूतोकरदिया,लेकिनइसेजमीनपरनहींउतारसकी।बार-बारकागजीआदेशहुए, लेकिनआइएमएकेविरोधकेचलतेहवा-हवाईहीरहा।जिलेमेंहीअबतककेवल75अस्पतालभीपंजीकृतनहींहुएहैं।जबकिइनकीसंख्या200सेअधिकहै।

सरकारनहींमानतीहैतोअस्पतालबंदकियाजाएगाडॉ.एमसीतिवारी,अध्यक्ष,आइएमएनेबतायाकिसीईसीविषमभौगोलिकपरिस्थितिवालेराज्यकेलिएअव्यावहारिकहै।इसेलागूहोनेसेनिजीअस्पतालहीनहीं,बल्किसरकारीअस्पतालभीबंदहोजाएंगे।इसकेमानकबेहदकठिनहैं।संशोधितएक्टकोलागूकरनेकीमांगकीगईहै।सरकारनहींमानतीहैतोखुदहीअस्पतालबंदकरनेकानिर्णयलियाजाएगा।

यूपीकीडिग्रीकोमान्यतानमिलनेसेसंकटमेंपीएमएसप्रांतीयचिकित्सासेवासंघभीसरकारसेअपनीकईमांगोंकोलेकरअनुरोधकरचुकाहै।इनकीमांगोंकीभीअनदेखीकरदीजारहीहै।संघनेएकबारफिरसेउत्तरप्रदेशसेपीजीकीडिग्रीहासिलकरनेवाले133डॉक्टरोंकीडिग्रीकोमान्यतादिलानेकीमांगउठाईहै।इसकेलिएडॉक्टरोंनेआंदोलनभीशुरूकरदियाहै।प्रदेशकेसभीसरकारीअस्पतालोंमेंडॉक्टरकालाफीताबांधकरविरोधजतारहेहैं।उनकाकहनाहैकिएकसप्ताहतकऐसेहीविरोधजतायाजाएगा।इसकेबादभीसरकारनहींमानतीहैतो25दिसंबरकेबादआंदोलनतेजकरनेकोमजबूरहोनापड़ेगा।

पूराएनपीएनमिलनेसेभीआक्रोशसरकारीअस्पतालकेडॉक्टरोंकोअभीतकसातवेंवेतनआयोगकेआधारपरनॉनप्रैक्टिसएलाउंस(एनपीए)नहींमिलरहाहै।संघकीमांगहैकिउन्हेंजल्दहीसातवेंवेतनआयोगकेआधारपरएनपीएकाभुगतानकियाजाए।उनकीअन्यमांगेंभीमानीजाएं।

प्रदेशमेंप्रैक्टिसकेलिएएमसीआइमेंपंजीकरणजरूरीडॉ.बिपिनपंत,पूर्वउपाध्यक्ष,पीएमएसनेबतायाकिउत्तरप्रदेशमेंपीजीकीडिग्रीकेलिएसरकारनेहीभेजा,लेकिनजोडिग्रीमिलीवहएमसीआइसेमान्यनहींहै।प्रदेशमेंप्रैक्टिसकेलिएएमसीआइमेंपंजीकरणजरूरीहै,लेकिनपंजीकरणनहंीहोरहाहै।सरकारसेमांगकीहै,लेकिनकोईसुनवाईनहोनेपरविरोधजतानेकोविवशहैं।

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