दारमा घाटी की नहीं बदली तस्वीर

संवादसहयोगी,पिथौरागढ़:पूर्वसीएमहरीशरावतकीविधानसभाक्षेत्ररहेधारचूलाकीदारमाघाटीकीतस्वीरडेढ़दशकमेंभीनहींबदलीहै।इसक्षेत्रकेलिएस्वीकृतसड़कदसवर्षोमेंभीपूरीनहींहोपाईहै।घाटीमेंआनेवाले14गांवआजभीविकाससेकोसोंदूरहैं।

पूर्वमेंदारमाघाटीकाऐतिहासिकमहत्वरहाहै।इसीक्षेत्रसेभारत-तिब्बतव्यापारलंबेसमयतकचला।व्यापारीइसीमार्गसेतिब्बतकीज्ञानिमामंडीतकपहुंचतेथे।घाटीकेअंतर्गतआनेवाले14गांवोंकोसड़कसेजोड़नेकेलिएवर्ष2005मेंसड़ककाखाकाखींचागयाथा।सीमासड़कसंगठनकोशुरूआतीकामकाजिम्मासौंपागया।सोबलातकसड़ककानिर्माणपूराहोनेकेबादआगेकाकामसीपीडब्लूडीकोदियागया।10वर्षकासमयबीतनेकेबादभीघाटीकेइनगांवोंकेलिएबनरहीइससड़ककाकामपूरानहींहोपायाहै।सड़ककानिर्माणपूरानहींहोपानेसेघाटीमेंरहनेवालीहजारोंकीआबादीप्रभावितहोरहीहैं।इनगांवोंकेलोगोंकोआजभीसड़कतकपहुंचनेकेलिए8से15किलोमीटरतकपैदलचलनापड़ताहै।गावकेमरीजोंकोकिसतरहसड़कतकपहुंचायाजाताहैइसकाअंदाजसहजहीलगायाजासकताहै।

नैसर्गिकरूपसेबेहदखूबसूरतइसक्षेत्रमेंपर्यटनकीअपारसंभावनाएंहैं,लेकिनसड़ककाअभावइसमेंब्रेककीतरहकामकररहाहै।

पर्यटकोंकोखूबभारहीहैदारमावैली

पिथौरागढ़:दारमावैलीनैसर्गिकरूपसेबेहदखूबसूरतहै।दारमापंचाचूलीकाप्रवेशद्वारभीहै।इसीवैलीसेनारायणआश्रमभीजुड़ाहै।हिमालयसेजुड़ीइसघाटीमेंसड़कभलेहीअभीआधीअधूरीहै,लेकिनट्रेकरोंकोयहवैलीखूबभानेलगीहै।इसवर्षकोरोनाकेचलतेभलेहीबाहरसेआनेवालेट्रेकरोंकीसंख्याकमरही,लेकिनकुमाऊंऔरगढ़वालकेतमामलोगयहाट्रैकिंगकेलिएपहुंचरहेहैं।

होमस्टेयोजनाकामिलरहाहैलाभ

पिथौरागढ़:दारमावैलीमेंअभीहोटलआदिकीसुविधानहींहै।ऐसेमेंसरकारकीहोमस्टेयोजनाकालाभट्रैकरोंकोमिलरहाहै।ट्रैकरस्थानीयगांवोंमेंहीरात्रिविश्रामकररहेहैं।स्थानीयग्रामीणहीउन्हेंभोजनआदिकीसुविधाउपलब्धकरारहेहैं।होमस्टेसेजहांट्रैकरोंकोहिमालयमेंघरजैसासुखदमाहौलमिलरहाहै,वहींस्थानीयलोगोंकोभीघरपरहीरोजगारकेअवसरमिलरहेहैं।दारमावैलीमेंइससमयदर्जनभरहोमस्टेचलरहेहैं।