चूल्हा-चौका निपटा मास्क सीलने में जुट जाती हैं आठ सहेलियां

जागरणसंवाददाता,कैथल:यहआठसहेलियांहैं।अपने-अपनेघरोंकाचूल्हा-चौकानिपटाकरडिफेंसकॉलोनीमेंएकघरमेंरोजइकट्ठीहोजातीहैं।यहांकोईचुगली-चर्चाकरनेनहींआती,बल्किमास्कसीलनेआतीहैं।अपने-अपनेघरसेसिलाईमशीनलाकरयहांरखदीहै।

पतियोंकीकमाईसेजोभीइन्हेंघरमेंखर्चकेलिएमिलताहै,उसमेंसेभीबचाकरकपड़ाखरीदतीहैं।हरजरूरतमंदकोमास्कवितरितकरलोगोंकोकोरोनामहामारीसेबचानेमेंजुटीहैं।अबतक16हजारसेअधिकलोगोंकोमास्ककावितरणकियाजाचुकाहै।प्रशासनवआमआदमीइनमहिलाओंकेहौसलेकोसलामकररहाहै।

सुशीलाशर्मानेबतायाकिजबसेइसबीमारीनेदस्तकदीहै,तबसेसुमनशर्मा,भावनाशर्मा,डिपलशर्मा,अनीता,निर्मला,सरोज,कमलकांतासहितउसकीपूरीटीमसुबहचूल्हाचौकाकरनेकेबादमास्कबनानेकेकार्यमेंजुटजातीहै।

साथहीमहिलाएंप्रशासन,संस्थाओंकेसदस्योंकोमास्कबांटरहीहैंताकिलोगोंकोबीमारीसेबचायाजासके।इसतरहसेयहलोगोंकीमददतोकररहीहैं,शहर,समाजऔरपरिवारकीचर्चाभीहोतीरहतीहै।

खुदकेखर्चपरलातीहैकपड़ा

इससमूहकीमहिलाएंअपनेखुदकेखर्चपरबाजारसेकपड़ाखरीदरहीहै।मास्कबनाकरनिशुल्कबांटरहीहै।16हजारमास्कअबतकतैयारकिएजाचुकेहैं।समूहकीमहिलाओंनेदावाकियाहैकिजबतकबीमारीखत्मनहींहोतीहै।तबतकनिशुल्कमास्कबांटतीरहेगी।