चित्रों के जरिए झारखंड की झलक है महुआ

जागरणसंवाददाता,नयागुरुग्राम:

झारखंडकीपहचानकेवलवहांकीखनिजसंपदावकंटीलेपहाड़ोंसेहीनहींहैं।बल्कि,वहांकीखूबसूरतीकोआइनेकीतरहविश्वपटलपररखनेवालीचित्रकलाएंभीहै।जिसमेंआमतौरपरजल,जंगलऔरजीवनकोदर्शायाजाताहै।ऐसेहीकुछचित्रसेक्टर43स्थितऊंचानआर्टगैलरीकीदीवारोंपरभीटंगेहै।14दिसंबरतकचलनेवालेआठदिवसीयझारखंडीचित्रकलाप्रदर्शनीकानाममहुआरखागयाहै।जोसाइबरसिटीवआस-पासकेलोगोंकोझारखंडकीलोककलाकादर्शनकरारहीहै।

आठचित्रकारोंकीकृतियांहोरहीहैंप्रदर्शित

प्रदर्शनीमेंझारखंडकीसभ्यता,संस्कृतिवलोककलाकोकरीबसेदेखनेवालेआठचित्रकारोंकीकृतियांप्रदर्शितकीजारहीहैं।जिनमेंविप्लवरॉय(जमशेदपुर),एचपीमुखी(झारखंड),जयदेवचटर्जी(जमशेदपुर),माधुरीशर्मा(दिल्ली),संजीवकुमार(हजारीबाग),सुब्रतारॉयचौधरी(धनबाद),तारकशंकर(रांची)वसुबेंदुबिस्वास(जमशेदपुर)हैं।इनकलाकारोंकाउद्देश्यहैकिचित्रोंकेमाध्यमसेराजधानीवइसकेआसपासकेलोगोंकोवहांकीलोककलाकृतियोंकापताचले।

मेराबचपनआदिलपुर(जमशेदपुर)मेंहीबीताहै।पासहीआदिवासियोंकीबस्ती¨बदलीथी।लगातारआने-जानेकेकारणमुझेउनकेजीवनवलोककलाओंकोकरीबसेदेखनेकामौकामिला।यहीवजहहैकिमेरीपें¨टग्समेंवहांकीखुशबूमहसूसकीजासकतीहै।

-माधुरीशर्मा,पेंटर(दिल्ली)

रंगोंकीअपनीकोईभाषानहींहोतीहै,लेकिनजबवहकैनवसपरउतारेजातेहैंतोवहकुछसंदेशजरूरदेजातेहैं।मेरीकोशिशझारखंडकीपरंपरागतचित्रकलाशैलीकोसमकालीनशैलीसेजोड़नाहै।ताकिआनेवालेसमयमेंभीवहांकीसभ्यता-संस्कृतिकीझलकचित्रमेंमहसूसकीजासके।

-सुब्रतारॉयचौधरी,पेंटर(धनबाद)

गैलरीमेंहमलगातारप्रदर्शनीलगातेरहतेहैं।झारखंडकीकलाकृतियोंसेरूबरूहोनेकामौकामुझेसोशलसाइट्सकेजरिएमिला।वहांझारखंडकेविभिन्नहिस्सोंमेंरहनेवालेचित्रकारोंकीएकसेबढ़करएकपें¨टग्सदेखनेकोमिली।फिरमैंनेउनलोगोंसेसंपर्ककियाऔरयहांप्रदर्शनीलगानेकान्योतादिया।

-ज्योतिकालरा,आयोजक