छठी मइया की बरसती कृपा तो जलता घर का चूल्हा

प्रभातरंजन,पटना।आस्थानाजातिदेखतीहैऔरनाहीसंप्रदाय।मनमेंसभीधर्मोकेप्रतिश्रद्धाहैतोजातियोंकेबंधनटूटजातेहैं।जातिकेबंधनसेपरेवीरचंदपटेलपथकेकिनारेमुस्लिममहिलाएंआजकलमहापर्वछठकेलिएमिट्टीकेचूल्हेबनानेमेंलगीहैं।20सेअधिकमहिलाएंसेवाभावकेसाथछठीमइयाकेव्रतकेलिएचूल्हेतैयारकरखुदकोधन्यमानरहीहैं।कुछपरिवारोंकीयहपरंपराहैतोकईनेइसेआस्थासेजोड़रखाहै।

इनमुस्लिममहिलाओंकीमानेंतोछठीमइयाकीकृपासभीपरबरसतीहै।व्रतकेलिएमिट्टीकेचूल्हेबनानेवालीमहिलाएंमुस्लिमपरिवारसेहोनेकेबावजूदभगवानसूर्यदेवकोप्रत्यक्षदेवतामानतीहैं।छठमेंकुछहीदिनबचेहैं।महिलाओंनेदशहरेकेबादसेहीचूल्हेबनानेशुरूकरदिएहैं।

सफाईऔरशुद्धतापरध्यान-

आरब्लॉकसड़ककेकिनारेचूल्हेबनारहीमदीनाखातूनकहतीहैं,30वर्षोसेचूल्हाबनातीरहीहूं।पहले10रुपयेमेंएकचूल्हाबिकताथा,लेकिनअबकीमतसौरुपयेतकहोगईहै।जूहीखातूनकहतीहैं,छठीमइयाकेव्रतकोलेकरचूल्हेबनानेमेंसाफ-सफाईकापूराध्यानरखतीहैं।स्नानकेबादहीकामशुरूकरतेहैं।एकचूल्हेकोबनानेमेंएकमाहलगजातेहैं।हरदिन20-25चूल्हेपरकामहोताहै।बच्चेकीतरहउसकीदेखभालकरनीपड़तीहै।गांवसेमिट्टीखरीदकरलातीहैं।प्रतिट्रैक्टरतीनहजाररुपयेमिट्टीमिलतीहै,पुआलकीकीमतअलगसे।छठीमइयाकीकृपाहमपरबरसतीहैतोचूल्हेबेच'घरकाचूल्हा'जलातेहैं।हरमहिलाकोचार-पांचहजारकीकमाईहोजातीहै।

व्रतियोंकोदेनेकेपहलेगंगाजलकाछिडकाव:बोलीं,मिट्टीसेतैयारचूल्हेकीगोबरऔरमिट्टीसेपुताईकरतेहैं।इसकेबादचिकनीमिट्टीकाप्रयोगकरपुताईकरसुखातेहैं।खरीदारीकरनेआनेवालेव्रतियोंकोचूल्हेदेनेसेपहलेउसपरगंगामइयाकेपानीकाछिड़कावकरतेहैं,ताकिशुद्धताबनीरही।मुस्लिममहिलाओंकामाननाहैकिअगरकिसीप्रकारकोईभूल-चूकहोतीहैतोछठीमइयासेप्रार्थनाकरतेहैंताकिउनकाआशीषबनारहे।