चौपालों से ही सिंहासन पर विराजमान होते थे प्रधान जी

जेएनएन,बिजनौर।आजादीकेचारदशकतकग्रामप्रधानकेपदपरगांवकेसम्मानितऔरसेवाभाववालेव्यक्तिकोहीखड़ाकियाजाताथा,बिनाकिसीलालचकेलोगअपनावोटदेदेतेथे।गांवकीचौपालसेहीप्रधानसिंहासनपरबैठाकरतेथे।यदिउससमयपंचायतचुनावहोभीजाताथातोग्रामीणप्रत्याशीकोएकमतहोकरजीताहुआमानलेतेथे।लेकिन,आजकेदौरमेंचुनावकाट्रेंडहीबदलगयाहै।

सन1987-88केबादसेपंचायतोंमेंवित्तीययोजनाआरंभहोनेकेबादचुनावकास्वरूपसालदरसालबदलताचलागया।योजनाओंकेकारणवर्तमानपंचायतचुनावोंमेंनोटोंकीबौछारकेसाथबाहुबलियोंकेचुनावमेंकूदनेसेगांवकासम्मानितवसमाजसेवाकोसमर्पितव्यक्तिकिनाराकरनेलगेहैं।

ग्रामीणईश्वरदयाल,वयोवृद्धरामफलसिंहकाकहनाहैकिगांववालेचुनावमेंऐसेसक्षमव्यक्तिकोचुनतेथे,जोसमयआनेपरगरीबोंकीमददकरसकेतथासभीभेदभाव,जातिवादसेऊपरउठकरगांवकीसेवावरक्षाकरसके।आजादीसेपहलेगांवकीदेखरेखऔरअन्यमहत्वपूर्णनिर्णयकेलिएगांवकेहीएकसेवाभाववालेबुजुर्गकोमुखियाबनायाजाताथा।आजादीकेबादगांवमेंमुखियाकेस्थानपरप्रधानबननेलगे।

बुजुर्गग्रामीणोंकेअनुसार1947-50केदशकमेंग्रामीणएकचौपालपरबैठकरगांवकेहीसमाजसेवीकेगुणकोदेखकरउसव्यक्तिकोसर्वसम्मतिसेप्रधानचुनकरगांवकेसिंहासनपरबैठादेतेथे।वहप्रधानभीग्रामीणोंकीअपेक्षाओंपरखराउतरताथा,लेकिनअबआधुनिकताकीदौड़मेंग्रामपंचायतकेचुनावभीहाइटेकहोगएहैं।

मास्टरराजेंद्रसिंहबतातेहैंकिआजादभारतकेरूपमेंलोगोंनेएकसपनादेखाथाकिभाईचारेवप्रेम,विकासऔरशांतिकाप्रतीकऐसामुल्कहो,जिसमेंसभीकोरोटी,कपड़ाऔरमकानमिलसके।समाजसेवीमहाशयकल्याणसिंहआर्यकाकहनाहैकिइससमयमेंपंचायतचुनावरंजिशनिकालनेवशासनसेआईधनराशिकोहड़पनेवमानप्रतिष्ठाकेलिएलड़ाजाताहै।यहीकारणहैकिसेवाभाववालेव्यक्तियोंनेचुनावसेकिनाराकरलियाहै।आजकीराजनीतिभीदोषपूर्णहोगईहै।कहींजातिदेखकरतोकहींधर्मदेखकरचुनावहोताहै।