ब्यौंजा के वटवृक्ष की जटाओं में बनीं कई गुफाएं

संवादसहयोगीबबेरू:हिदूपौराणिककथाओंमेंपवित्रएवंपूज्यबरगदकावटवृक्षहैबरगदकेवृक्षसेनिकलीजटाओंसेकईमान्यताएंजुड़ीहुईहैं।इसवृक्षकोआदर्शमानकरमहिलाएंअपनेपतिकीदीर्घायुकीमन्नतमांगतीहैं।वहीवैज्ञानिक²ष्टिकोणसेयहऑक्सीजनदेनेवालावृक्षहै।जोलोगोंकोनईजिदगीवऊर्जाप्रदानकरतेहैं।ऐसेवृक्षकोसंवारनेकाकामहमसबकोमिलकरकरनाचाहिए।बबेरूक्षेत्रकेवटवृक्षपरसभीकोनाजहै।

यूंहीवटवृक्षनहींकहेजातेहैं,यहअपनीआकाशीयजड़ोंकोधरतीतकभेजखुदतोलंबीपूरीकरतेहैं।बल्किसैकड़ोंसालधरतीपररहकरअपनीप्राणवायुसेदूसरोंकोदीर्घायुबनातेहैं।प्रकृतिचक्रमेंयहीपरोपकारबरगदकोवटवृक्षबनाताहै।विकासखंडबबेरूकेग्रामपंचायतब्योंजामेंकरीबतीनबीघामेंबरगदकावृक्षहै,जिसकीजटाओंसेकईगुफाएंजैसीबनगईहैं।कुछसमयपूर्वइनगुफारूपीशाखाओंकेबीचकईसंत-मुनियहांतपस्याकरचुकेहैं।ग्रामीणोंकीजानकारीपरउन्होंनेस्थानछोड़दिया।अबयहांदोपहरकीधूपसेबचनेकेलेनेकेलिएचरवाहेवकिसानयदा-कदापहुंचतेरहतेहैं।कोरोनाकालमेंकईलोगऑक्सीजनलेनेकेलिएआसपासकेगांवसेसुबह-सुबहयहांआतेहैं।

सौसेडेढ़सौवर्षकाबतातेग्रामीण

ग्रामीणोंकीमानेतोयहकरीबडेढ़सौवर्षोंसेअधिकआयुकाहै।ग्रामीणोंनेवनविभागसेसंरक्षणकीमांगकी।ग्रामीणोंकीमान्यताहैकिजोभीइसवृक्षकेनीचेपूजाअर्चनाकरताहैतोवहपूर्णरूपसेस्वस्थरहताहै।ग्रामीणोंनेवृक्षकीरखवालीकेलिएएकशिवलिगस्थापनाकरछोटासामंदिरभीबनायाहै।गांवकेलोगअक्सरपूजनकरनेआते-जातेहैं।वटसावित्रीअमावस्यापरकईगांवकीमहिलाएंपूजनकरनेयहांपहुंचतीहै।

-बरगदकेवृक्षकीपूजाकरनेसेतीनोंलोकोंकाआशीर्वादप्राप्तहोताहै।पर्यावरणसंरक्षणकेसाथ-साथबरगदकीसुरक्षाकेलिएमनरेगा,राज्यवित्त,पंद्रहवेंवित्तसेवॉलबाउंड्रीकानिर्माणकराकरसुंदरीकरणकरानेकाकामकरूंगी।-सरोजकुमारी,प्रधानब्योंजा-वटवृक्षआयुर्वेदमेंएकउत्तमऔषधिहै।इसकेपासरहनेवसंरक्षणसेअखंडसौभाग्यकेसाथसंतानवृद्धिकामहात्म्यबतायाजाताहै।इसलिएपुराणोंमेंएकवृक्षलगाकरसौपुत्रकेसमानसेवाकरनेकाफलबतायाजाताहै।-कुमुदगुप्त-वृक्षप्राचीनकालसेपूजनीयहै।वटसावित्रीपूजनकेदिनसुहागनअपनेपतिकीदीर्घायुकेलिएव्रतरखतीहैं।पूजनकेसमयएकवृक्षलगानेकासंकल्पलेनाचाहिए।-राजमुनीदेवी-बरगदएकऐसावृक्षहैजोपुर्नजन्मलेताहै।वृक्षकायहीजीवनचक्रउसेसैकड़ोंसालकीआयुप्रदानकरताहै।इसकेपूजनकावैज्ञानिकमहत्वयहीहैकिइसेअधिकसेअधिकलगायाजाए।संरक्षितकियाजाए।-दीपाअग्रहरि