बूंद-बूंद पानी को तरस रहे जंगली क्षेत्र के ग्रामीण

औरंगाबाद।ऐसेतोगर्मीआतेहीजलसंकटकीसमस्यागहरानेलगतीहै।लेकिनदेवप्रखंडकेनक्सलप्रभावितइलाकेमेंचाहेगर्मीहोयाबरसातपानीकीकिल्लतयथावतरहतीहै।इससमस्याकेसमाधानकेलिएआजतककिसीभीस्तरपरकोईसार्थकपहलनहींकीगई।बावजूदपेयजलसंकटथमनेकानामनहींलेरहाहै।एकतरफगर्मीकीमार।तोदूसरीतरफपेयजलकासंकट।विडम्बनातोइसबातकीलगतीहैकिएकतरफसरकारजलसंरक्षणएवंपेयजलसंकटदूरकरनेकेलिएकरोड़ोंरुपयेखर्चकररहीहै।वहींदूसरीतरफयोजनाकाकामधरातलपरदिखनहींरहाहै।सबकुछहवा-हवाई।एकबातयहभीसचहैकिसरकारद्वारानक्सलक्षेत्रमेंविकासकरनेकीबातकहीजारहीहै।परंतुयहहोनहींरहाहै।ग्रामीणनदीकापानीपीनेकोविवशहैं।चापाकलसूखगएहैं।देवप्रखंडकेमहुलान,छुछिया,दुलारे,झरनासमेतदर्जनोंगांवकेग्रामीणपानीकोलेकरपरेशानहैं।सातनिश्चयकानहींमिलालाभसातनिश्चययोजनाकेतहतहरघरमेंनलसेजलउपलब्धकरानाहै।सरकारयोजनातोचलाई।परंतुअधिकारीएवंजनप्रतिनिधिइसपरपहलनहींकररहेहैं।आवंटनकारोनारोरहेहैं।पंचायतमेंवार्डसदस्यएवंसचिवकेविवादमेंकईकार्यरुकेहैं।अधिकारियोंएवंजनप्रतिनिधियोंकेविवादकाखामियाजाग्रामीणोंकोभुगतनापड़रहाहै।बारागांवमेंपानीकेलिएहाहाकरमचाहै।एकचापाकलकेसहारे300ग्रामीणअपनीप्यासबुझातेहैं।चापाकलपरपानीभरनेपहुंचीमहिलामालतीदेवी,सरोजदेवी,मंजूदेवी,आशादेवी,चानोदेवी,विनितादेवीएवंममतादेवीनेबतायाकिगांवमेंएकहीचापाकलहै।जहांपूरेगांवकेलोगपानीकेलिएआतेहै।अगरयहचापाकलखराबहोजाएतोदूरजंगलसेनदीकोखोदकरपानीलानापड़ताहै।नतोइसपरअधिकारीध्यानदेरहेहैंऔरनहीजनप्रतिनिधि।जापकेछात्रजिलाध्यक्षविजेंद्रकुमारयादवनेबतायाकिवर्षोंसेयहांकेग्रामीणपानीकेलिएसालोंभरपरेशानरहतेहैं।जनप्रतिनिधिआतेहैंऔरवोटलेकरचलेजातेहैं।महुलानमेंवर्ष2018मेंमात्रदोचापाकललगाहै।इससेपहलेयहांकेग्रामीणनदीकापानीपीतेथे।कहतेहैंमुखियाप्रतिनिधिदेवप्रखंडकेनक्सलप्रभावितदुलारेपंचायतमुखियाप्रतिनिधिविकासयादवनेबतायाकिअबतकवार्ड-3छुछिया,9-कर्माएवंवार्ड11-भलुआहीगांवमेंसातनिश्चययोजनाकेतहतनलजलकाकार्यहुआहै।आचारसंहितालगनेकेकारणपरेशानीहुईहै।बतायाकिएकवार्डमेंनिर्धारितरुपयेहीखर्चकरनाहै।जिसकारणसभीकार्यपूराकरपानासंभवनहींहै।ग्रामीणोंकोकिसीप्रकारकीपरेशानीनहोइसकाख्यालरखाजारहाहै।महुलानएवंझरनामेंपीएचईडीकेद्वाराकार्यकियाजानाहै।

लोकसभाचुनावऔरक्रिकेटसेसंबंधितअपडेटपानेकेलिएडाउनलोडकरेंजागरणएप