बूलगढ़ी में दौड़ने लगी जिदगी की गाड़ी

जासं,हाथरस:बूलगढ़ीमेंअबहालातसामान्यहोरहेहैं।गलियोंमेंकरीबढाईमहीनेबादचहल-पहलबढ़गईहै।चौपालोंपरजहांपहलेगांवकीघटनापरहीचर्चाहोतीथी,वहींअबखेत-खलिहानवघर-परिवारकीबातोंकासिलसिलाबढ़गयाहै।अबलोगबूलगढ़ीकांडपरबातकरनेमेंभीरुचिनहींदिखाते।खेतोंमेंरबीकीफसलेंलहलहारहीहैं,जिन्हेंसंवारनेमेंकिसानव्यस्तहैं।मृतकाकेघरसीआरपीएफकीसुरक्षाव्यवस्थादेखकरहीपताचलताहैकियहांकुछहुआथा।

बूलगढ़ीगांवबघनाग्रामपंचायतमेंआताहै।आबादी650है।यहांकरीबएकहजारबीघामेंखेतीबाड़ीहोतीहै।पूूरागांवखेतीकेकाममेंव्यस्तरहताहै।

14सितंबरकोबूलगढ़ीकीयुवतीपरहमलेकेबादगांवकेहालातबदलगएथे।पूरेगांवमेंछायासन्नाटाअबआकरटूटाहै।दोबरातेंभीगांवसेगईं।गांवकेलोगबाहरऔरआसपासकेगांवोंमेंशादीसमारोहमेंएकदूसरेकेयहांआ-जारहेहैं।बुधवारकोगांवमेंजन्मदिनसमारोहकीतैयारीचलरहीथी।पड़ोसीगांवपत्तीगढ़ीमेंएकनिधनहोनेपरमृत्युभोजकाआयोजनकियाथा।गांवबूलगढ़ीसेभीकुछलोगगएथे।गांवमेंफेरीलगाकरसामानबेचनेवालेभीनियमितआरहेहैं।खेतोंमेंआलूऔरसरसोंकीफसललहलहारहीहै।गेहूंकेपौधेअंकुरितहोकरदोसेतीनइंचतककेहोगएहैं।गांवकेजगदीशपचौरीनेबतायाकिगांवकेहालातसामान्यहैंऔरअबकोईदिक्कतभीनहींहै।आलूकीखेतीकेअलावाहमनेमृतकाकेपितासेबंटाईपरखेतलियाहै।उसमेंगेहूंकीफसलकीहै।वहीं,नरेंद्रसिंहतोबीतेदिनोंपरबातकरनेकोहीतैयारनहींथे।उनकाकहनाथाकिअबहमभविष्यकीसोचरहेहैं।खेतमेंआलूकीफसलकीहै।इसबारऔरअधिकअच्छेभावमिलनेकीउम्मीदहै।

पॉलीग्राफऔरबीईओएस

टेस्टपरअबटिकींनिगाहें

बूलगढ़ीकांडकीसीबीआइजांचअभीजारीहै।इसमामलेकेचारोंआरोपितोंकागांधीनगरमेंपॉलीग्राफऔरबीईओएसटेस्टकरायाजारहाहै,जिसकीरिपोर्टपरसबकीनजरहैं।इधरमृतकाकेघरकीसुरक्षामेंसीआरपीएफतैनातहै।