बुलंद हौसलों ने दिलाई पहचान

जागरणसंवाददाता,एटा:गरीबीअभिशापतोबनसकतीहै,लेकिनकिसीकेबुलंदहौसलोंकोडिगानहींसकती।बसजरूरतहैथोड़ेसेजज्बेऔरसमझदारीकी।एटाकीआरतीकुशवाहनेइनदोनोंहीबातोंकोअपनेजीवनमेंआत्मसातकरलिया।प्रतिभाकीधनीबनकरआरतीनेसबसेपहलेएथलीटकीदुनियामेंकदमरखा।तमामटूर्नामेंटजीतलिए।इतनाहीनहींउन्होंनेअपनेगांवकीबालिकाओंकोभीखेलकूदकीओरप्रेरितकिया।वहचूंकिएथलीटहैं,इसलिएयहप्रतिभाउन्हेंनौकरीदिलानेमेंकामआईऔरवेसैनिककेरूपमेंआजसेनामेंतैनातहैं।देशकीरक्षाकाबीड़ाउठाएहुएहैं।साहसकीइसदेवीकेबुलंदहौसलोंकापूरागांवकायलहै।

एटाशहरसेसटेगांवशिव¨सहपुरकीआरतीकाजन्मगरीबीरेखासेनीचेजीवनयापनकरनेवालेपरिवारमेंहुआ।सरकारीस्कूलमेंशिक्षाग्रहणकरतेग्रामीणखेलोंमेंकुछकरदिखानेकीललकलगी।उन्होंनेएथलीटकेरूपमेंजहांबेसिकशिक्षाकीप्रदेशस्तरीयप्रतियोगिताओंतकपहुंचकरसाबितकियाकिअगरलगनऔरपरिश्रमकरनेकाजज्बाहोतोबहुतकुछकियाजासकताहै।खासबातयहहैकिपरिवारकीमालीहालतज्यादाठीकनहींथीऔरआरतीकोपढ़ाईभीकरनीथी।विषमपरस्थियोंमेंभीउन्होंनेमाध्यमिकस्कूलोंकेखेलोंमेंभीप्रांतीयप्रतियोगिताओंमेंजीतदर्जकरनेकेबादप्रदेशकीटीमकाप्रतिनिधित्वराष्ट्रीयस्तरपरकिया।

दौड़,बाधादौड़,लंबीकूदमेंसंसाधननहोनेकेबावजूदभी2013-14मेंविश्वविद्यालयीप्रतियोगिताओंमेंभीराष्ट्रीयस्तरतकजिलेकानामकिया।भलेहीकुछमददगारउनकीकामयाबीकोदेखकरसहयोगकोआगेआएलेकिनइसबातकीपरवाहनकरखेलोंमेंप्रतिभादिखानेकेसाथ-साथआर्थिकतंगीकोदूरकरनेकेलिएसीआरपीएफमेंचयनहोगया।यहांबतौरसैनिकवहजहांदेशसेवाकाजज्बालिएहैं।वहींअभीभीखेलोंमेंनामकमानेकीख्वाहिशकमनहींहै।आरतीकालक्ष्यहैकिवहओलंपिकमेंभीकुछकरदिखाए।

इसीलक्ष्यकीपूर्तिकेलिएसीआरपीएफकीगेम¨वगमेंशामिलहोकरअबअंतरराष्ट्रीयस्तरपरचमकनेकोमेहनतकररहींहैं।इसबालिकाकीगरीबीसेहोकरगुजरीकामयाबीकहकहानीकेबादजिलेमेंखुशबूवर्मा,कीर्ति,रानीवर्मा,पूजा,निकेता,नैनावर्मा,उमाराठौर,भावना,दुर्गेशप्रजापतिआदिबालिकाओंनेभीखेलोंमेंरुचिदिखातेहुएकामयाबीकासफरशुरूकियाहै।आरतीकामाननाहैकिविषमपरिस्थितियोंमेंहिम्मतनहींहारनीचाहिएऔरअगरहमकिसीकाममेंअसफलभीहोतेहैंतोभीनिराशहोनाउचितनहीं,क्योंकिअसफलताबतातीहैकिसफलताकेसाथप्रयासनहींकिए।