बॉटम : त्याग, समर्पण और संघर्ष.. नारी तू नारायणी

-मुश्किलहालातमेंनहींमानीहार,सफलताकीराहपरबढ़ीमहिलाएंदिलीपसिंह,रायबरेली

नारीतूनारायणी।यहकहनाकतईगलतनहींहोगा।त्याग,समर्पणऔरसंघर्षकीराहपरचलकरजिलेकीकईमहिलाओंनेसफलताकीनईकहानीलिखीहै।किसीनेपरिवारकोसंभालातोकिसीनेअपनेबच्चेकेभविष्यकोसंवारा।हालातकितनेभीविपरीतरहेहों,लेकिनकभीहारनहींमानी।जरूरतपड़नेपरसमाजकेसामनेअपनोंकेलिएडटकरखड़ीरही।अपनीहिम्मतवहौसलेकेबलपरअपनीमंजिलहीनहींहासिलकीबल्किसमाजकेलिएमिसालबनीहैं।

अपनोंसेमिलाधोखा,फिरभीनहींटूटीवंदना

तेरीआवाजपेकोईनाआयेतोफिरचलअकेलाचल..रवींद्रनाथटैगोरकीयहपंक्तियांदिव्यांगवंदनामिश्राकेजीवनकीदास्तांबतानेकेलिएकाफीहै।उनकापूराजीवनसंघर्षमेंबीतरहाहै।बतातीहैकिजन्मकेछहमहीनेबादसेपोलियोहोगया।ऐसेमेंस्कूलीशिक्षाज्यादातरघरसेहुई।इलाहाबादविश्वविद्यालयमेंपढ़ाईकी।इसदौरान20किग्राकापोलियोजूतापहनकरचलनेसेपैरमेंछालेतकपड़गए।परिषदीयविद्यालयमेंसहायकअध्यापकपदचयनहुआ।इसीदौरानमांनेसाथछोड़दिया।2012मेंविवाहहुआतोअच्छेकलकीउम्मीदजगी।समयसेपहलेबच्चेकाजन्महुआ,जांचमेंपताचलाकिउसकीकिडनीखराबहै।जैसे-तैसेजीवनकटहीरहाथाकिपतिनेधोखादेदिया।कहतीहैकिजबअपनोंनेधोखादियातोमनव्यथितहोगया।इसकेबादस्कूलकेबच्चोंमेंअपनीखुशीदेखनीशुरूकीऔरअपनेवेतनसेहीविद्यालयमेंबच्चोंकेलिएसुविधाउपलब्धकरारहीहैं।

बेटीकेसपनेकोसाकारकररहीनाहीद

बेटीकासपनासाकारहो।वहएकअंतरराष्ट्रीयखिलाड़ीबने।इसकेलिएनाहीदआब्दीनेहरवहकोशिशकी,जिससेलाडलीआगेबढ़सके।सब्जीमंडीकीरहनेवालीनाहीदआब्दीनेउर्दूसेपढ़ाईकीहै।बेटीसबाबुतूलआब्दीकोआगेबढ़ानेकेलिएग्रैपलिग,रेसलिगखेलकाप्रशिक्षणदिलाया।इसदौराननाहीदनेसमाजऔरपरिवारकेखिलाफजाकरबेटीकेसाथकदमसेकदममिलाकरचली।बेटीग्रैपलिगमेंनेपालऔरकजाकिस्तानमेंप्रतिभागकरचुकीहैं।शबानेबतायाकिमांउसकेसाथहरप्रतियोगितामेंरहतीहैं।झाड़ूपोछासेबीसीसखीतककासफर

ग्रामपंचायततमनपुरकीसमूहसंचालिकारामकुमारी।कुछसालपहलेतकलखनऊमेंदूसरोंकेघरोंमेंझाड़ूपोछालगाकरजीविकोपार्जनकरतीथी।वर्ष2018मेंस्वयंसहायतासमूहसेजुड़ी।महिलाओंकेसाथमिलकरकम्पोस्टखादबनानाशुरूकिया।आयबढ़ानेकेलिएमुर्गीपालनकिया।इसकेबाद2019-20मेंएलआरएलएमराष्ट्रीयग्रामीणआजीविकामिशनसेजुड़करसमूहसखीकेपदपरकार्यकरनाशुरूकरदिया।सफलताकीराहमेंशिक्षाआड़ेनआएइसकेलिएहाईस्कूलकीपरीक्षादी।इसकेबादबीसीसखीपदपरचयनहोगया।अबवहखुदअपनेघरपरपैसानिकालनेऔरजमाकरनेकाकार्यकरतीहैं।साथहीअपनीबेटीकोआगरामेंबीटीसीकीशिक्षादिलारहीहै।