बोले राज्यपाल, युवा रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनें

पालमपुर,संवादसहयोगी।राज्यपालवकृषिविश्वविद्यालयकेकुलाधिपतिराजेंद्रविश्वनाथअर्लेकरनेकृषिविविकेदीक्षांतसमारोहमेंकहाकिपूर्वमुख्यमंत्रीशांताकुमारनेकृषिविश्‍वविद्यालयकाएकस्वप्नदेखाऔरआजएकबहुतबड़ावटवृक्षबना।हमेशाहीयुवाओंसेकुछउम्मीदहोतीहै।समाजकेलिएभीकामकरनाहै।जोवैज्ञानिकयहांसेजाएंगे,जिन्हेंगोल्डमेडलमिलाहैउन्होंनेलीगसेहटकरकुछकामकियाहैइसलिएउन्हेंपदकमिलाहै।

अबऐसेयुवाओंकोकरनायहहैकिरोजगारमांगनेनहींरोजगारदेनेवालाबननाहै।इसलिएयुवानौकरीकेबजाएकुछकरकेदिखाएं।जिसभीक्षेत्रमेंमहारथहासिलहैउसक्षेत्रमेंआगेबढ़ेऔरअन्यलोगोंकोरोजगारदेनेवालेबने।बाहरजाकरबड़ेअवसरतलाशनेकेलिएक्यामानसिकरूपसेतैयारहैं।इसबारेमेंसोचनाचाहिए।केंद्रसरकारवप्रदेशसरकारनेयुवाओंकेलिएकाफीयोजनाएंबनाईहैं।लेकिनरोजगारमांगनेकेलिएनहींरोजगारदेनेकेलिएतैयारहोनाहै।हरचीजमेंसब्सिडीचाहिए।यहगलतबातहै।सब्सिडीकामतलबयहहैकिव्यक्तिकोनिष्क्रियकरनाहै।कुछकष्टकरकेकमानाचाहिए,सब्सिडीसेदूररहनाचाहिए।

निष्क्रियनहींरहनाचाहिए।इसकृषिविविकेविद्यार्थियोंकेयुवाओंकोआगेबढ़करप्रयासकरनेचाहिए।हरविविकेवाइसचांसलरहोताहै,शैक्षणिकपरिषदहोतीहै,विद्यार्थीहोतेहैं।इसपूरेविविकासमाजकेप्रतिदायित्वहोताहै।इसलिएउन्होंनेखुदसभीवाइसचांसलरोंकोभोजनकेलिएबुलायाऔरदोविषयउनकेसमक्षरखे।आपविविकेप्रमुखहै,शिक्षकहैं।शिक्षितयोगदानदेनेकेसाथसाथओरक्यादेसकतेहैं।प्रदेशकोअस्तित्वमेंआनेकेपचाससालपूरेहुएहैं,देशकीस्वतंत्रताके75सालपूरेहुएहैं।

ऐसेमेंइससंयोगवर्षमेंइसवर्षहमक्यादेसकतेहैं।प्रदेशकोक्यायोगदानदेसकतेहैं,इसबारेमेंसोचनाबहुतजरूरीहै।इसलिएउन्हेंएकसालकेलिएसमाजकेलिएक्यादेसकतेहैंइसकेलिएमास्टरप्लानबनानेकोकहाहै।समस्यासमाधानकेलिएक्याकरसकतेहैं,इसलिएजवाबमांगा,कइयोंकेजवाबआए।यहांभूस्खलनपहलेभीहोताथाअखबारमेंपड़तेथे,अबहिमाचलमेंहैतोयहघटनाएंघटरहीहैंतोइसकादुखहोनेलगा।यहघटनाएंनहोंइसकाविचारकरसकतेहैंक्या।

जोलोगतकनीकीव्यक्तिहैंइससालमेंकोईसमाधानदेसकतेहैंक्याताकिऐसीआपदानआएं।यापूर्वसूचनामिलजाएऐसाकरसकतेहैं।ऐसेप्रयासकरनाचाहिए।समाजकोक्यायोगदानदेसकतेहैंयहसोचनाहोगा।सभीविविइसविषयपरकदमउठासकतेहैं।