..बंजर और बेजार हो गया औद्योगिक क्रांति का सपना

रोजगारकेलिएबाहरीप्रांतोंकोपलायनकररहेलोगोंकोरोकनेकेलिएचारदशकपहलेबुंदेलखंडमेंबड़े-बड़ेसपनेदेखेगएथे।इनसपनोंकोअंगीकारकरनेकेलिएसरकारोंनेतमामप्रयासभीकिए।केवलजालौनजिलेमेंहीचारसौसेज्यादाछोटी-बड़ीऔद्योगिकइकाइयांस्थापितहुईंथीं।उद्देश्यथाकिस्थानीयऔरआसपासकेजिलेकेलोगोंकोरोजगारकेसुलभअवसरउपलब्धकराएंजाएं।लेकिनइसमंशापरसुविधाओंऔरसंसाधनोंकीकमियोंनेपानीफेरदिया।आजयहऔद्योगिकइकाईयांचीख-चीखकरअपनीबदहालीबयांकररहींहैं।चुनावकेसमयइन्हींमुद्दोंऔरमसलोंमेंलंबी-लंबीडींगेमारनेवालाराजनीतिकहलकाभीखयालीपुलावपकातारहगया।जिलेकीबदहालऔद्योगिकइकाईयोंकेजख्मोंकीकहानीबयांकरतीविमलपांडेयकीरिपोर्ट-कभीऔद्योगिकक्रांतिकीलहरआईथीजालौनमें

..मैंजिलाजालौनहूं,मैंप्राचीनकालमेंऋषिजलवानकेमहानतपऔरमहात्म्यकेकारणअस्तित्वमेंआयाहूं।चारदशकपहलेबुंदेलखंडमेंमेरीतस्वीरराजस्थानकेरेगिस्थानसरीखीथी।किसानसूखेकीबदहालीसेजूझरहेथे।युवारोजगारकेलिएसरकारीअमलोंमेंगणेशपरिक्रमाकररहेथे।मेरेजिलेकेजेहनमेंहरओरसिर्फहताशाऔरनिराशाहीदिखरहीथी।यहदौरथाअस्सीका।ऐसेमेंकेंद्रऔरप्रदेशसरकारकेसामूहिकप्रयासकेबादवर्ष1984मेंजिलेकेऔद्योगिकक्षेत्रकाविस्तारीकरणप्रारंभकियागया।जिलेमें735एकड़मेंऔद्योगिकक्षेत्रफैलाहुआहै।

शुरूकेदससालोंमेंयहांछोटे-बड़ेमिलाकरलगभग400कारखानेसंचालितकिएजानेलगेथे।मुंबई,दिल्लीऔरकोलकाताजैसीजगहोंसेबहुतसेउद्योगपतियोंनेयहांपरअपनीपूंजीनिवेशकीथी।उनदिनोंमेंयहांपांचसौकरोड़कीऔद्योगिकइकाईयांचलनाशुरूहोगईंथीं।इनमेंजिलेवआसपासकेचारहजारलोगोंकोसीधेस्थानीयरोजगारसेजोड़ागयाथा।संसाधनोंऔरसुविधाओंकेबगैरबंदहोनेलगींथीइकाईयां:जिलेकेकोंचतहसीलमेंदालमिल,स्टील,बर्तनकेंद्र,कालपीमेंकागजउद्योग,उरईमेंकपड़ा,तेल,स्टील,लोहाआदिप्रमुखऔद्योगिकइकाईयांथीं।बिजलीसमेतअन्यसंसाधनोंकेनमिलनेसेयहसारीइकाईयांबंदहोगईं।वर्तमानमेंउरईमेंकपड़ाउद्योग,पुष्टाहारइकाई,कालपीमें33कागजइकाईयांसमेतबामुश्किल80छोटे-बडेऔद्योगिककारोबारचलरहाहै।पूंजीनिवेशकरनेवालेज्यादातरउद्यमियोंनेसरकारकेदिएजानेवालेप्रोत्साहनकेअभावमेंअपनेहाथखींचलिए।औद्योगिकक्षेत्रमेंअबज्यादातरप्लॉटखालीपड़ेहुएहैं।प्लाटोंपरइकाइयांस्थापितहोनेकीस्थितिमेंदिखाईनहींदेरहीहैं।प्रोत्साहनऔरसुविधाएंनहींमिलनेसेधीरे-धीरेऔद्योगिकइकाइयांबंदहोतीजारहीहैं।यहस्थितितबहैजबबुंदेलखंडकेलिएप्रदेशकीयोगीसरकारउद्यमियोंकोप्रोत्साहनऔरसुविधाएंप्रदानकररहीहै।कोईभीव्यक्तिअगरइंडस्ट्रीलगानाचाहताहै,तोउसे100प्रतिशतस्टैंपड्यूटीफ्रीरहतीहै।साथहीकईयोजनाओंकेतहतउनकोसब्सिडीभीदीजातीहै।उद्यमियोंकीपीड़ा:

सरकारकीतरफसेउद्योगस्थापितकरनेकेलिएयोजनाएंतोचलाईजारहीहैं,लेकिनउनकाक्रियान्वयनसहीढंगसेनाहोपानेकीवजहसेलोगोंकोसुविधाएंनहींमिलपातीहैं।

-कृष्णकुमारत्रिपाठीजिलेमेंउद्योगोंकेहालकाफीबुरेहैं।सरकारकीनीतिअच्छीहैलेकिनयोजनाओंकेक्रियान्वयनमेंसरकारीअमलाफेलहोजाताहै।बगैरसुविधाओंऔरसंसाधनोंकेभलाउद्योगकैसेपनपसकताहै।

-गोविदयादवचारदशकपहलेजिलेमेंउद्योग-धंधोंकीहरियालीआईथीलेकिनउपेक्षापूर्णरवैएकेकारणएकबारफिरसेबदहालीसबसेसामनेदिखरहीहै।जनप्रतिनिधियोंनेकतईदिलचस्पीनहींदिखाईहै।

-मनीषगुप्ताउद्योगोंकेलगानेकेकाफीउद्यमीतैयाररहतेहैंलेकिनबाहरसेआनेवालेउद्यमियोंकीसमस्याओंकोसुननेवालाकोईनहींरहताहै।यहीकारणहैकिजिलेमेंऐसीबदहालीकोकोईरोकनहींपाताहै।

अंकितवर्माकर्जसेडूबेहैंउद्यमी

जिलेमेंऔद्योगिकक्षेत्रबनाकरविकासकाजोवादाराजनेताओंनेकियाथा।वहआजभीआधा-अधूराहै।कहनेकोऔद्योगिकक्षेत्रमेंछोटीबड़ी160इकाइयांलगीहैंलेकिन60लोगहीअपनेउद्योगोंकोकिसीतरहजिदाकिएहैं।सुविधाओंकेअभावमेंयहउद्यमीभीअबकर्जेकेबोझसेदबचुकेहैं।इन्हेंउम्मीदहैकिचुनावमेंजोभीजीतेवहउद्योगोंकोपनपनेकेलिएप्रयासअवश्यकरेगा।यहरहीइकाईयोंकेबंदहोनेकीबड़ीवजह:सड़क,बिजलीजैसीसमस्याओंनेजिलेकेउद्योगोंकोबुरीतरहचौपटकरदिया।उद्योग-धंधेचालूकरनेवालेलोगजब-जबराजनेताओंकेपाससमस्यालेकरगएतबसभीनेआश्वासनदियाकिउनकीसमस्याएंजल्दहीदूरहोंगीपरंतुचारदशकबादभीयहांउद्योगपनपनहींपाएहैं।दालमिल,आयलमिल,केमिकलफैक्ट्रीजैसीकईइकाइयांमूलभूतसुविधाओंकेअभावमेंबंदहोगयीं।रिहायशीकालोनीबनाऔद्योगिकक्षेत्र:उद्योगविभागकीऔद्योगिकक्षेत्रकीउपेक्षाकापरिणामयहरहाकिआजयहक्षेत्ररिहायशीकालोनीबनचुकीहै।जिनलोगोंनेउद्योगलगानेकेलिएरियायतीदरोंमेंउद्योगविभागसेभूखंडोंकाआवंटनकरायाथा।उनमेंउद्योगनलगाकरउन्होंनेयहांआवासबनादिए।नियमानुसारऔद्योगिकआस्थानमेंउद्योगलगानेकेअतिरिक्तकोईऔरकामनहींकियाजासकताहै।माननीयोंकेबोल:

सदरविधायकगौरीशंकरवर्माकहतेहैंकिजिलेकीऔद्योगिकस्थितियोंकोबेहतरकरनेकीकोशिशकीगईहै।सरकारनेउद्यमियोंकेलिएबेहतरयोजनाएंभीदीहैं।जोकमियांरहगईहैंउन्हेंआगेसमाप्तकरायाजाएगा।माधौगढ़विधायकमूलचंद्रनिरंजनकहतेहैंजिलेकीऔद्योगिकइकाईयोंकेबेहतरबनानेकेलिएकईबारविधानसभामेंसवालभीउठाएहैंजिनपरअमलभीकियागयाहै।वहींकालपीविधायकनरेंद्रसिंहजादौनकीमानेतोकालपीकाकागजउद्योगकोरोनाकालमेंप्रभावितहुआहैलेकिनयहफिरसेबेहतरहोगा।