बनारसी पान की कभी होती थी बड़े हिस्से में खेती, अब बच्छांव गांव तक खेती सिमटी

वाराणसी,जेएनएन।देशभरमेंपानकाउपयोगविभिन्नप्रकारसेकियाजाताहै।कईलोगइसेखातेहैं।इसकेअतिरिक्तइसकाधार्मिकआयोजनोंमेंभीइसकाकाफीमहत्वहै।कईराज्योंमेंप्रमुखतासेपानकेबेलकीखेतीकीजातीहै।सरकारेंपानकीखेतीकोबढ़ावादेनेकेलिएअलग-अलगयोजनाओंपरभीकामकररहीहैं।उत्तरप्रदेशसरकारनेपानकीखेतीकोप्रोत्साहनयोजनासेकिसानोंकोबढ़ावादेरहीहै।

वाराणसीमेंमिलनेवालेपानकीखेती:बनारसीपानकीपूरीदुनियादीवानीहै.ऐसाकमहीहोताहैकिकोईवाराणसीजानेवालाव्यक्ति,वहांकेपानकासेवननाकरे।वाराणसीमेंजोभीपानआताहैवहबिहारकेमगधक्षेत्रमेंउगायाजाताहै।आमतौरपरइसेमगहीपानभीकहाजाताहै।बिहारकेनालंदा,औरंगाबादऔरगयासहितकईजिलोंमेंपानकीखेतीहोतीहै।बनारसकेकाशीविद्यापीठअंतर्गतमच्छवागांवमेंलगभग10परिवारइसकीखेतीकरताहै।

कैसेकीजातीपानकीखेती:किसानमनीषचौरसियाबतातेहैंकिवेवर्षोंसेपानकीखेतीकरतेआरहेहैं।इससमयवह8बिस्वामेंपानकीखेतीकरतेहैं।वहबतातेहैंकिपानकीखेतीकेलिएठंडऔरछायादारजगहकीआवश्यकताहोतीहै।इसकीखेतीकेलिए20डिग्रीसेल्सियसतककातापमानठीकहै।इसकेलिएहमबांसकेमाध्यमसेबरेजा(छायानुमासंरचना)बनातेहैं।इससेतापमानकासंतुलनबनारहताहैऔरपानके पौधेकोनुकसाननहींहोता।मनीष कहतेहैंकिइसकीखेतीफरवरीमार्चसेलेकरअगस्तमहीनेतककीजातीहै।

मिट्टीकाबेडतैयारकरकरतेहैंपौधेकीरोपाई: पानकेपौधोंकीरोपाईकेलिएमिट्टीकाबेडतैयारकियाजाताहै।इसमेंजमीनकीपहलेजुताईकीजातीहै।फिरमिट्टीसेबेडनुमाआकारकीसंरचनातैयारकीजातीहै।फिरइसकीहल्कीसिंचाईकीजातीहै।उसकेबादपानकेपौधेकीरोपाईकीशुरुआतहोतीहै।इसदौरानदोपौधोंकेबीचदूरीकाध्यानरखनाबेहदजरूरीहोताहै।

खराबहालातमेंहैंमगहीकिसान: दुनियाजिसपानकीदीवानीहैउसेउगानेवालेकिसानखराबहालातमेंहैं।मनीषबतातेहैंकिदुनियाबदलगई,मंहगाईबढ़गई,लेकिनहमारीस्थितिनहींसुधररहीहै।वो कहतेहैंकिपहलेपानकीखेतीमेंमुनाफाथा,लेकिनअबसरकारीउदासीनताऔरबढ़तीमंहगाईकीवजहसेहरसालकिसानइसकीखेतीसेकिनाराकररहेहैं।पहलेउनकेगांवमेंजहांपानकीखेतीबड़ीसंख्यामेंकरतेथे,अबघटकरछह-सातलोगहीरहगएहैं।