बीत गए चालीस साल, पिपराढ़ी पुनर्वास गांव में पगडंडी से नहीं बनी सड़क

-नईनवेलीदुल्हनभीपैदलपहुंचतीससुराल

-आपातस्थितिमेंमरीजोंकोलेजानेकेलिएझेलनीपड़तीपरेशानी

-गांववासीकररहेसंपर्कसड़कबननेकाइंतजारशिवहर।पुरनहियाप्रखंडक्षेत्रस्थितपिपराढ़ीपुनर्वासगांवआजभीएकअददसड़कसेमहरूमहै।जिसकीआबादीकरीबपांचहजारहै।यहीहालपासकेबखारगांवकाभीहै।यहसमस्याबीते38वर्षोंसेहै।फिलहाललोगएकअ‌र्द्धनिर्मितकच्चीसड़कहोकरकिसीतरहआजारहेहैं।जोबरसातमेंनारकीयहोजातीहै।कीचड़सेपटीउक्तसड़कसेआवागमनमेंकाफीदिक्कतेंपेशआतीहैं।पड़ोसकेगांवोंसेसीधासंपर्कनहींहै।बदहालसड़कहोनेसेबीमारमरीजोंकोअस्पताललेजानेमेंपरेशानीआमबातहै।

सड़कसुविधासेवंचितवक्षुब्धगांववासियोंनेवर्ष2009मेंअपनीमांगकोलेकरलोसचुनावमेंमतदानसेभीकिनाराकियाथा।बावजूदस्थितिजसकीतसहै।अबएकबारफिरविधानसभाचुनावसामनेहै।ग्रामीणोंमेंरोषएवंआक्रोशदोनोंदेखाजारहा।कहरहेकिकरीबचारदशकोंसेसड़ककीमांगपूरीनहींकीजारही।

बतायाकिखेतोंसेहोकरबनेउक्तसड़ककोकईबारनिजीप्रयाससेयातायातलायकबनायागया।किंतु,भूमिधारकोंकेविरोधकेकारणएकमुकम्मलसड़ककारूपनहींलेपाई।स्थानीयकोठियांटोलानिवासीरौशनतिवारीनेबतायाकिबरसातकेदिनोंमेंपिपराहीपुनर्वासएकतरहसेनक्शेसेकटजाताहै।गांवसेमहजपांचसौमीटरदूरमुख्यसड़कहैजहांपहुंचनेकोस्थायीसड़कनहींहै।कहाकिप्रशासनऔरतथाकथितनेताओंसेलोगोंकामोहभंगहोगयाहै।स्थानीयमुखियाप्रेमादेवीभूमिअधिग्रहणकेसाथसंपर्कपथकोबनानेकाप्रयासकररहीहै।शिक्षकराजकुमारसाहनेबतायाकिबरसातकेचारमहीनेकासमययहांकेलोगकैसेगुजारतेहैंयहतोयहांकेभुक्तभोगीहीजानतेहैं।दुखइसबातकोलेकरहैकिकोईहमलोगोंकीपीड़ानहींसुनता।बीजेपीपंचायतअध्यक्षअच्छेलालसहनीनेकहाकियहसड़कपिपराढ़ीपुनर्वासकीअस्मितासेजुड़ीहै।शादीब्याहमेंनववधूकोलेकरगाड़ीनआसकतीहैऔरनहीजासकतीहै।ऐसेमेंसड़ककाबननाहरहालमेंजरूरीहैहरहालमेंबननीचाहिए।स्थानीयलोगआपसीसमन्वयबनाकरइसेकार्यरूपदेसकतेहैं।

वहींपंचायतकेमुखियाप्रतिनिधिरामानंदझानेबतायाकिइसदिशामेंप्रयासजारीहै।जल्दहीसड़ककानिर्माणसंभवहोपाएगा।