बिहार के इस गांव में नहीं घुस सकता कोरोना, ग्रामीणों ने की ऐसी व्‍यवस्‍था कि वायरस की हो गई नो एंट्री

प्रेमपाठक,डेहरीआनसोन(सासाराम)।विकासकेमामलेमेंभलेहीकैमूरपहाड़ीपरबसानौहट्टाप्रखंडकाजोंहागांवपिछड़ाहो,साक्षरोंकीसंख्याकमहोलेकिनवनवासियोंकीसोचवदूरदर्शितानेइसगांवमेंकोरोनाकोघुसनेनहींदिया।यहांकेलोगगांवसेनतोबाहरजारहेहैंनहीगांवमेंदूसरेकोप्रवेशकरनेदेरहेहैं।रिश्तेदारोंकोपहलेहीमोबाइलसेसूचितकरदिएहैंकि यहांउनकीअभीनोइंट्रीरहेगी।कोईविशेषजरूरतपड़ीतोआनेकेदिनकाकोरोनानिगेटिवकाप्रमाणलानाहोगा।इसनियमकोग्रामीणखुदभीपालनकररहेहैं।जिसकानतीजाहैकिगांवकाकोईभीव्यक्तिकोरोनासेसंक्रमितनहींहुआ।

शहरकीआबोहवाऔरभीड़भाड़सेदूरकैमूरपहाड़ीपरबसाइसगांवमेंरिश्तेदारोंसेलेअन्यकोभीपाबंदीहै।अगरकोईगैरसरकारीसंगठनयासरकारीकर्मीआनेकीबातकहतेहैंतोउन्हेंकोरोनानिगेटिवहोनेकाप्रमाणपत्रलानाआवश्यकहै।विकाससेमीलोंदूरसमतलभूमिसेडेढ़हजारफीटकीऊंचाईपरहोनेकेबादभीयहांदरवाजेपरपानी,साबुनऔरसैनेटाइजरकीव्यवस्थाग्रामीणकिएहैं।वेस्वयंसाबुनसेघरमेंहाथ-पैरधोकरहीप्रवेशकरतेहैं।आजभीइसगांवमेंपक्कामकानमात्रपांचहै।शेषफूसकीझोपड़ी,मिट्टीसेबनेमकानहीहै।

ग्रामीणरामलालउरांव,उपमुखियारामप्रीतउरांव,दिनेशउरांव(शिक्षक)पूर्वमुखियाचंद्रदीपउरांव,सिबुउरांवसमेतअन्यबतातेहैंकिशहर,बाजारवअन्यगांवोंमेंकोरोनाकोलेकरकईतरहकीबातेंसुनतेहैं।हमलोगोंकेबीचभीअंदरसेइसेलेकरभयव्याप्तहोगया।लेकिन,इसमहामारीसेलड़नेकेलिएग्रामीणोंनेकिसीकेप्रवेशगांवमेंनहींहोनेदेनेपरसहमतिबनाई।उसकेबादइसेकड़ाईसेपालनकरायागया।बाहररहनेवालेसभीपरिजनोंवरिश्तेदारोंकोबतादियागयाकिवेकोरोनाकालतकगांवमेंनहींआएं।बाहररहनेवालेग्रामीणोंकोकोविडजांचरिपोर्टनिगेटिवआनेपरहीप्रवेशकरनेकीअनुमतिदीगई।इसकासार्थकपरिणामसामनेआया।

'दोगजकीदूरी,मास्कहैजरूरी'स्लोगनकोव्यवहारमेंलायागया।बतातेहैंकिहमतोशुरूसेखेतोंमेंउपजमोटाअनाज,शुद्धदूध,जंगलोंमेंहोनेवालाबिनाखादकाफल-सब्जीखातेहैं।गांवजंगलकेबीचहैतोसैकड़ोंपेड़उन्हेंऑक्सीजनदेतेहैं।

कहतेहैंचिकित्सक

रेफरलअस्पतालनौहटाकेचिकित्सापदाधिकारीडॉमुकेशकुमारकहतेहैंकिखान-पानवरहन-सहनसेहमारेशरीरमेंरोगप्रतिरोधकक्षमतातैयारहोताहै।खानपानमेंसंतुलितआहारकेकारणशरीरकईबीमारियोंसेस्वयंलड़ताहै।कैमूरपहाड़ीपरबसेजोंहागांवमेंकोरोनाकाकोईमामलाहमारेसंज्ञानमेंनहींहैऔरयहएकशुभसंकेतहै।